दोषियों को तत्काल फांसी की सजा मिले मामले की जांच सीबीआई से हो नहीं तो होगा मध्यप्रदेश में बड़ा आंदोलन- राकेश महाले
दोषियों को तत्काल फांसी की सजा मिले मामले की जांच सीबीआई से हो नहीं  तो होगा मध्यप्रदेश में बड़ा आंदोलन- राकेश महाले

बैतूल/सारनी। कैलाश पाटील

मध्यप्रदेश मे  सबसे ज्यादा दलित आदिवासीयों पर लगातार अपराध हत्याकांड बलात्कार  जैसी घटनाएं रोज सामने आ रही हैं  कारवाई करने मे पुलिस करती है लिपा पोती। आमला सारनी विधानसभा के गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पुर्व प्रत्याशी एड राकेश महाले मे आक्रोश व्यक्त करते हुऐ बयान जारी किया है कि देवास जिले के थाना नेमावर अंतर्गत डेढ़ माह से ज्यादा समय से घुम 5 आदिवासी सदस्य जिनमें तीन नाबालिग थे ग्राम पंचायत नेमावर के भाजपा के युवा नेता दबंग सुरेंद्र चौहान ने उन बच्चों के साथ बलात्कार जैसा जघन्य अपराध किया, और उनकी हत्या कर पांचों सदस्यों को अपने खेत में गाड़ दिया जिले के एसपी एडिशनल एसपी थाना प्रभारी को निरंतर इस घटना की जानकारी देते हुए कहा गया कि भाजपा नेता सुरेंद्र चौहान को गिरफ्तार करो सब कुछ सामने आ जाएगा। लेकिन पुलिस भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक आशीष शर्मा के दबाव में उस हत्यारे को गिरफ्तार नहीं कर पाई, और आज वही घटना सामने आ गयी। लगातार मध्यप्रदेश के लगातार अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ छुवा छुत जातिवाद और हत्या बलात्कार गैंग रेप सहित शोषण की घटना बढ़ती जा रही है। आजादी के 74 सालों बाद भी देश में गरीबों दलितों को आदिवासी के अमानवीय कृत्य बदस्तूर जारी हैं। राजनैतिक दलों के संरक्षण में सवर्ण मानसिक और दबंग लोगों की राजनैतिक पहुच और पैसा के दम पर पुलिस कार्रवाई करने में कोताई करती है बैतूल जिले में जैसे कई मामलें हुऎ है जिसमें राजनीति संरक्षण के कारण आरोपी को सजा नही मिली। एड राकेश महाले ने मांग की है कि एडिशनल एसपी और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाए और  और पिडित परिवार को एक करोड रुपए की सहायता राशि उस गरीब परिवार को तत्काल प्रदान की जाए और घर में बचे एक भाई और बहन को सरकारी नौकरी दी जाए। अन्यथा  पुरे मध्यप्रदेश में मानवतावादी आदिवासी युवा शक्ति बहुजन समाज उग्र आंदोलन करेगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी, मध्यप्रदेश के जबरन के मुख्यमंत्री शिवराज हर स्तर पर फेल कानूनी व्यवस्था ध्वस्त है, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। इस घटना से मध्यप्रदेश सहित भारत में दुख वह भारी आक्रोश व्यक्त है।  अगर तत्काल दोषियों पर कारवाई नहीं हुई तो चक्का जांम आंदोलन प्रदर्शन होगा इस की सम्पूर्ण जवाबदारी मध्यप्रदेश सरकार की होगी।