कोरोना संक्रमण दर भले ही कम हुई है परंतु खतरा टला नहीं।
कोरोना संक्रमण दर भले ही कम हुई है परंतु खतरा टला नहीं।
सावधानी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रखनी होगी नजर।

बराड़ा, 2 जून(जयबीर राणा थंबड़)
     एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार चावला ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि जागरूकता ही बचाव है ।कोरोना संक्रमण दर भले ही कम हो परंतु खतरा अभी टला नहीं है ।इसके लिए हमें सर्तक रहने के साथ-साथ जागरूक होना भी बहुत जरूरी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने व जागरूकता अभियान लगातार चलाए रखना जरूरी है । कोरोना संक्रमण दर घटने का मतलब यह नहीं है कि हम लोग लापरवाही पर उतर आए कॉविड प्रोटोकॉल भूल जाएं।
   
  जनता से किया आह्वान :-हमें अपने दिमाग में यह बात बैठा लेनी चाहिए की 2 गज की दूरी, मास्क व सैनिटाइजर का निरंतर प्रयोग रखना है ।कहीं ऐसा ना हो कि सारी मेहनत पर पानी फिर जाए और कोरोना संक्रमण दर घटने के साथ-साथ हम कोविड प्रोटोकॉल के सभी नियम भूल जाएं और यह लापरवाही आम जनमानस पर भारी पड़ जाए । उन्होंने खासकर ग्रामीण क्षेत्रों पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए सरकार जहां अपने लेवल पर प्रयास कर रही है वहीं सामाजिक संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए बलिक इतना ही नहीं हर नागरिक को कोरोना वारियर बनकर उभरना चाहिए व हर दूसरे व्यक्ति को इस माहमारी के बारे जागरूक करते हुए कोरोना को हराने में मदद करनी चाहिए।
 
       सरकार उठा रही है ठोस कदम:- उपमंडल अधिकारी ने कहा कि सरकार समय-समय पर लॉकडाउन ,कंटेनमेंट जोन, टीकाकरण जागरूकता अभियान जैसे कदम उठा रही है ।जागरूकता ही बचाव है उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी अफवाहों में ना आए टीकाकरण अवश्य करवाएं इस महामारी के फैलाव को रोकने में टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। प्रत्येक नागरिक अपना कर्तव्य समझकर टीकाकरण के लिए आगे आए और कोरोना की इस कड़ी को तोड़ने में मदद करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के प्रति जागरूकता के परिणाम स्वरुप कोरोना संक्रमण का कम होना शुरू हो गया है । उन्होंने ने कहा कि उपमंडल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।

खुद ही बचे दूसरों को भी बचाएं :-यदि कोरोना से जंग जितनी है तो उसके लिए जागरूक होना अति आवश्यक है। कोरोना के खिलाफ इस जंग में हर देशवासी का फर्ज बनता है कि वह खुद भी बचे और औरों को भी बचाएं  ।यह बात जितनी जल्दी आम जनता की समझ में आ जाए उतना अच्छा है क्योंकि लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही कभी भारी ना पड़ जाए और यह तभी संभव हो पाएगा जब लोग खुद का बचाव करते हुए प्रशासन का सहयोग करेंगे। स्वस्थ व्यक्ति ही समाज और देश की उन्नति के बारे में सोच सकता है इसलिए इस समय  स्वास्थ्य के प्रति हर व्यक्ति को जागरूक होने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना होगा कि हम मास्क, हाथों को बार-बार धोने के अतिरिक्त 2 गज की दूरी को दवाई के रूप में प्रयोग करेंगे तभी एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है।