विधायक हरविंद्र कल्याण के आवास का घेराव करेंगे किसान

 विधायक हरविंद्र कल्याण के आवास का घेराव करेंगे किसान

बोले : न थके हैं, न थकेंगे, लेकर रहेंगे अपना हक



कहा : मोदी सरकार किसान विरोधी 


करनाल 07जनवरी (संजय भाटिया) किसान नेता भूपेंद्र सिंह लाडी ने ऐलान किया कि 8 जनवरी को घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण के कुटेल स्थित आवास का घेराव होगा। उन्होंने कहा कि घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का 10 जनवरी को गांव कैमला में एक कार्यक्रम रखा हुआ है। इसी के मद्देनजर घरौंडा के विधायक के आवास का घेराव होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम जिले के किसान जिले में नहीं होने देंगे। करनाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता भूपेदं्र सिंह लाडी ने कहा कि पिछले 43 दिनों से देश के लाखों किसान दिल्ली बार्डर पर ठंड और बारिश के बावजूद भी अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना दे रहे हेँ। मगर किसान हितैषी का दावा करने वाली मोदी सरकार उल्टे किसानों का अपमान कर रही है। जिससे मोदी सरकार की नीति और नीयत साफ तौर पर जाहिर है कि सरकार को किसान हित से कोई लेना देना नहीं। बल्कि मोदी सरकार को उद्योगपतियों के हितों की चिंता है। लाडी ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को उन्हीं के खेतों में गुलाम बनाने पर आमदा है। मगर हरियाणा का किसान ऐसा होने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जान ले कि जब तक तीनों कृषि विधेयक वापिस नहीं हो जाते तब तक किसान दिल्ली में धरना प्रदर्शन छोडऩे वाला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के इतने ही हितैषी हैं तो किसानों की मांग पर तीनों कृषि कानून वापिस क्यों नहीं ले लेते। मोदी देश की जनता के सामने किसान हितैषी होने का केवल ढोंग रच रहें हैं। जबकि किसान हितों से मोदी सरकार कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने जन प्रतिनिधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जन प्रतिनिधि किसानों की मांगों के खिलाफ हुए तो उनका भी विरोध इसी तरह किया जाएगा। प्रदेश के किसानों ने इन जन प्रतिनिधियों को विधानसभा में चुनकर भेजा है। यही किसान जन प्रतिनिधियों को विधानसभा से वापिस बुलाने का भी दमखम रखते हैँ। उन्होंने हका कि हरियाणा सरकार ने एसवाईएल का सहारा लेकर पहले भी हरियाणा ओर पंजाब के किसानों का भाईचारा खराब करने की चेष्टा की थी मगर सरकार सफल नहीं हो पाई और अब 10 जनवरी को कैमला गांव में रखा गया यह कार्यक्रम इसी बदनीयत का हिस्सा है। किसान इसे हरगिज सफल नहीं होने देगा। इस अवसर पर पंजाब सिंह खारा, तखविंद्र सिंह विर्क, दविंद्र सिंह, विक्रमजीत सिंह जलमाना, हरबीर सौनका निसिंग, सोनू लागर निसिंग, शेर मल्ली पखाना, महावीर सिद्धू, मलकीत रमाणा, खजान सिंह रमाणा, जोरावर संधू, लखविंद्र नोखरिया, नक्षत्र सिंह विर्क, अमृत खारा, मांगा सिंह, रवि विर्क, कर्ण संधू, डिंपल गामडी, ओमकार गामडी, जीता राम बड़थल सहित अन्य मौजूद रहे।