जनपद में क्रय केन्द्रों पर 58088.364 मीट्रिक टन धान की हुई खरीद-जिला खाद्य विपणन अधिकारी

 जनपद में क्रय केन्द्रों पर 58088.364 मीट्रिक टन धान की हुई खरीद-जिला खाद्य विपणन अधिकारी



प्रतापगढ़। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया है कि जनपद का धान खरीद का लक्ष्य 60000 मीट्रिक टन है, दिनांक 05 जनवरी 2021 तक जनपद के 51 क्रय केन्द्रों पर 58088.364 मीट्रिक टन धान क्रय किया जा चुका है जो कि लक्ष्य का 96.81 प्रतिशत है। उन्होने यह भी बताया कि गतवर्ष में निर्धारित 59900 मीट्रिक टन क्रय लक्ष्य के सापेक्ष जनपद में 35162 मीट्रिक टन खरीद की गई थी जो कि लक्ष्य का 58.7 प्रतिशत था। जनपद में अब तक कुल 14527 कृषकों से क्रय किये गये धान के सापेक्ष देय धनराशि रूपये 108.50 करोड़ के विरूद्ध पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान किये जाने की कार्यवाही के अन्तर्गत रूपये 73.31 करोड़ का कृषकों को भुगतान कर दिया गया है जो देय भुगतान का 67.56 प्रतिशत है। शेष धनराशि का भुगतान किये जाने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। खाद्य विभाग के क्रय का भुगतान तत्काल किया जा रहा है, अन्य संस्थाओं के भुगतान में आ रही समस्या का समाधान धनराशि प्राप्त कर किया जा रहा है। उन्होने बताया है कि जनपद में 28 फरवरी 2021 तक धान क्रय केन्द्र क्रियाशील है, अधिकांश कृषकों का धान क्रय कर लिया गया है, धान खरीद केन्द्रों पर आवक भी कम हो गयी है। कोई कृषक धान खरीद को लेकर केन्द्र से वापस न हो इसके लिये निगरानी की जा रही है, इस हेतु जनपद में दूरभाष संख्या-6392773243 पर धान कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है। क्रय केन्द्रों पर कृषक सम्पर्क स्थापित कर धान विक्रय हेतु सम्पर्क कर सकते है। धान खरीद केन्द्र नियमित रूप से संचालित रहें तथा क्रय केन्द्रों पर बिचौलियों आदि की सक्रियता न रहे इसके लिये क्रय केन्द्रों पर नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण जनपद/तहसील स्तरीय अधिकारियों/नोडल अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होने यह भी बताया है कि धान का समर्थन मूल्य रू0 1868 कुन्तल (कॉमन धान) एवं रूपये 1888 कुन्तल (ग्रेड ए) है। जनपद में खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 28 कुल 45 धान क्रय केन्द्र खरीद हेतु क्रियाशील है। नफेड के 02 धान खरीद शासन के निर्देश पर बन्द कर दिये गये है, जबकि यूपी स्टेट एग्रो के 02 एवं प्राइवेट एफपीओ/पंजीकृत समिति के 02 धान खरीद केन्द्र का भुगतान कम होने के कारण अस्थायी तौर पर भुगतान किये जाने तक खरीद से रोक दिया गया है।