आधार कार्ड बनवाने के लिए पच्चीस से तीस किलोमीटर भागने को मजबूर हैं ग्रामीण

 थराली चमोली




आधार कार्ड बनवाने के लिए पच्चीस से तीस किलोमीटर भागने को मजबूर हैं ग्रामीण

रिपोर्ट केशर सिंह नेगी

आम आदमी की पहचान बन चुका आधार कार्ड थराली तहसील में इन दिनों अपनी पहचान खोता जा रहा है थराली विधानसभा क्षेत्र के नारायणबगड़, और थराली विकासखंड की बड़ी आबादी को आधार कार्ड बनवाने या फिर आधार कार्ड में संसोधन करवाने के लिए लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है दूरस्थ गांवों से स्थानीय ग्रामीण बाजारों में आकर जानकारी के अभाव में  csc संचालकों के पास आधार कार्ड बनवाने पहुंच तो रहे हैं लेकिन न तो थराली और न ही नारायणबगड़ में आधार कार्ड बनवाने का कोई सेंटर स्थापित होने के चलते जरूरतमंदों को देवाल का रुख करना पड़ रहा है जहां लंबी लाइन के चलते घंटो इंतजार के बाद आधार कार्ड बन रहे हैं 

 दरसल पूर्व में चमोली जिले के शिक्षा विभाग ओर पोस्ट ऑफिस सहित बाल विकास विभागों में आधार कार्ड बनाने की मशीनें लगाई गई थी लेकिन अब ये मशीनें बिना ऑपरेटरों के जंग खा रही है और वर्तमान में पिण्डर घाटी के देवाल ब्लॉक के एक निजी संस्थान में ही केवल आधार कार्ड बनाने का काम चल रहा है यहां पर नारायणबगड़ और थराली से करीब पच्चीस से तीस किलोमीटर की दूरी नापकर लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं 

 स्थानीय लोगो की माने तो लंबे समय से स्थानीय प्रशासन सहित जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी लोग ब्लॉक मुख्यालयों पर आधार कार्ड सेंटर चलवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन ने थराली और नारायणबगड़ के डाकघरों में मशीनें तो लगवा दी लेकिन बिना ऑपरेटर के ये मशीनें महज शोपीश बनकर रह गई हैं