दत्तोपंत ठेगडी जन्म शताब्दी समापन समारोह।

दत्तोपंत ठेगडी जन्म शताब्दी समापन समारोह।


बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल 


भारतीय मजदूर संघ के  संस्थापक दत्तोपंत ठेगडी  की जन्म शताब्दी समारोह का भव्य समापन कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत माता पूजन एवं स्वर्गीय ठेगडी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस मौके पर विधुत मंडल कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय महामंत्री  अंबादास सूने कहा कि दत्तोपंत ठेगडी जी ने  भारतीय मजदूर संघ की स्थापना से पूर्व पेंच कन्हान कोयला खदानों में इंटक ट्रेड यूनियन में कार्य किया। मजदूरों की परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद  राष्ट्र भक्त मजदूरों का संगठन खड़ा करने का निर्णय लिया। मध्यप्रदेश के भोपाल में अग्रवाल धर्मशाला में भगवान विश्वकर्मा को साक्षी मानकर भारतीय मजदूर संघ की शून्य से संगठन की स्थापना की। स्थापना के समय कोई सदस्य नहीं थे न हीं पंजीकृत यूनियन। अन्य केंद्रीय श्रम संगठन एक लाख की सदस्यता के साथ स्थापित हुए हैं। आज भारतीय मजदूर संघ देश का प्रथम क्रमांक का घोषित श्रम संगठन है ।  क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक स्वर्गीय   दत्तोपंत ठेगडी ने अपना पूरा जीवन मजदूरो के  उत्थान के लिए लगाया  । भारतीय मजदूर संघ की  स्थापना से लेकर आज तक के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए आपने बताया कि भारतीय मजदूर संघ   सन् 1996 से  देश का प्रथम क्रमांक का   घोषित श्रम संगठन  है। संगठन सदैव राष्ट्र हित को सर्वोपरि मानता है। 1962 में भारत चीन युद्ध के समय कम्युनिस्ट  विचार धारा के मजदूर संगठन चीन के पक्ष में थे। राष्ट्र हित को ध्यान में रखते हुए श्री ठेगडी जी  ने प्रतिरक्षा उधोग में तेजी से संगठन खड़ा किया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष नगर पालिका नगर पंचायत कर्मचारी संघ बैतुल अध्यक्ष  केके  भावसार ने कहा कि स्व ठेगडी जी अविवाहित  रहते हुए सारे देश के मजदूरों को अपना परिवार माना। चाहे जो मजबूरी हो , मांग हमारी पुरी हो नारों के बदले  बीएमएस की क्या पहचान, त्याग तपस्या  और बलिदान । देश भक्त मजदूरो का संगठन खड़ा कर किया । ऐसे महापुरुष की जन्म शताब्दी समारोह यह आयोजन हमारे लिए सौभाग्य की बात है । स्व ठेगडी जी ने मजदूरों के लिए  अपना जीवन समर्पित किया है ।कार्यक्रम का संचालन महामंत्री हरिओम कुशवाहा ने किया । इस मौके पर निराकार सागर , संदीप डोंगरे कामदेव, श्याम सोनी, त्रिपुरा , मालती , सेवती , डालिमा एवं अनेक लोग उपस्थित थे ।