थराली चमोली । लॉकडाउन में जब रेस्टोरेंट का काम बंद हुआ तो बेचने लगे लिंगुडे।
थराली चमोली । लॉकडाउन में जब रेस्टोरेंट का काम बंद हुआ तो बेचने लगे लिंगुडे।

  रिपोर्ट केशर सिंह नेगी
 कहते हैं आजीविका के लिए इंसान कुछ भी करने को तैयार होता है। जब आन पड़ती है तो कठिन दौर में भगवान भी कोई न कोई रास्ता निकाल देता है । और आदमी उसी पर चलता है तो सफलता प्राप्त कर लेता है। ऐसे ही हैं ग्राम रेई के देवेंद्र सिंह पंवार का लॉकडाउन के चलते कुलसारी में फास्ट फूड व्यवसाय बन्द हो गया। समझ में नही आया कि क्या किया जाए ,बस चलते चलते उन्हें ख्याल आया कि इन दिनों गधेरों के  किनारे बड़ी मात्रा में लिंगुडे  मिल जाते है, यदि इन्हें एकत्रित कर बाजार में बेचा जाए तो अच्छा कमाई  प्राप्त हो सकती हैं। बस क्या था पहले दिन लिंगुडे एकत्रित करने चल दिए। आधे दिन मेहनत के बाद गढ़िया बनाई और ₹20 की एक गड्डी के हिसाब से लगभग 200 गड़ियां बेच डाली। बस यही सिलसिला लगभग पिछले 10 दिनों से कर रहे हैं। और देवेंद्र सिंह  आजीविका को लेकर चिंतित नहीं है।  उनका कहना है कि कई ऐसे साधन है जो प्रकृति ने  हमें दिए हैं। जिनको व्यवसाय कर  आजीविका चला सकते हैं।