स्व. दत्तोपंत जी ठेंगडी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए.

 स्व. दत्तोपंत जी  ठेंगडी को भारत रत्न से  सम्मानित किया जाए.



बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल


भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक स्व. दत्तोपंत ठेंगडी का जन्म शताब्दी समापन समारोह के  अवसर पर विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के  क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने ने बताया कि यूनियन ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर स्व. ठेंगडी जी को मरणोपरांत "भारत रत्न " अलंकरण से  सम्मानित किया जाए । उल्लेखनीय है कि ठेंगडी जी ने 23 जुलाई 1955 को भोपाल की अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं चन्द्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर भारतीय मजदूर संघ की शून्य से संगठन की स्थापना की । ठेंगडी जी ने 1948 में पेंच कन्हान कोयला खदानों में इंटक ट्रेड यूनियन में कार्य कर मजदूरों की परिस्थितियों का अध्ययन किया। शेतकरी कामगार फेडरेशन में काम कर मजदूरों की समस्याओं को समझा। भारत में तब तक कम्युनिस्ट विचारधारा का गहरा प्रभाव था। श्रम जगत में "चाहे जो मजबूरी हो , मांग हमारी पूरी हो" जैसे स्वार्थपरक नारों की आवाज बुलंद थी। इसके विपरीत ठेंगडी जी ने "देश के हित करेंगे काम , काम के लेंगे पूरे दाम" के नए नारे के साथ  राष्ट्रवादी विचारधारा को ध्यान में रखते हुए भगवान विश्वकर्मा को साक्षी मानकर भारतीय मजदूर संघ की स्थापना की। ऐसा नहीं है कि 1955 से पहले कोई  श्रम संगठन नहीं थे, जो मजदूरों की समस्याओं का समाधान करते। एटक 1920 मे लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में बनी । 1942 मे मार्क्सवादी विचारधारा के आधार पर सीटू का गठन किया । भारत स्वतंत्र हुआ , फिर कांग्रेस के लेबर विंग के रूप में  इंटक ट्रेड यूनियन का कार्य सरदार पटेल की अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ। दत्तोपंत जी ने नान पोलिटिकल ट्रेड यूनियन के रूप में भारतीय मजदूर संघ को खड़ा किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्र हित, उद्योग हित एवं श्रमिक हित रहा है।  संघ के प्रचारक  होने के कारण अपना सम्पूर्ण जीवन मजदूरों के उत्थान के लिए लगाया। जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने दत्तोपंत जी को 2002 में  पद्मभूषण सम्मान देने की घोषणा की । स्व. ठेंगडी जी ने भारत सरकार द्वारा घोषित सम्मान लेने से मना कर दिया । उन्होंने कहा कि यह सम्मान  पहले संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को देना चाहिए। ऐसे मनीषी, विचारक और कुशल संगठक की जन्म शताब्दी समारोह का भव्य समापन की सार्थकता तभी है, जब भारत सरकार दत्तोपंत जी को 2021 में गणतंत्र दिवस के पूर्व मरणोपरांत "भारत रत्न से"  सम्मानित करे । इस मौके पर विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के  सोहनलाल कहार , संदीप आरसे , अमित सल्लाम , जितेन्द्र वर्मा ,संतोष प्रजापति एवं मनीष सिंह चौहान , राजेन्द्र प्रसाद तिवारी अनेक सदस्य उपस्थित थे ।