ग्राम चतरखेड़ा में चल रही श्रीराम कथा में सोमवार को शिव
ग्राम चतरखेड़ा में चल रही श्रीराम कथा में सोमवार को शिव और पार्वती का विवाह हुआ। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारे लगाए। साथ ही संगीतमय कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। रामकथा वाचक पं रमाकांत व्यास जी ने कथा में विवाह प्रसंग सुनाया।
गुरु जी ने कथा में कहा कि शिव-पार्वती एक दूसरे के सखा, स्वामी और दास हैं। साथ ही श्रीराम पूर्ण ब्रह्म परमात्मा है। शिवजी रामजी के भक्त हैं और राम शिवजी के भक्त। उन्होंने रामचरित मानस में शिव-पार्वती विवाह जानकी मंगल की भांति यह भी हिमवान की स्त्री मैना थी। पार्वती का विवाह शिव के साथ हुआ।
शिव-पार्वती विवाह कथा पुराणों के अनुसार माता सती को ही पार्वती, दुर्गा, काली, गौरी, उमा, जगदंबा, गिरिजा, अंबे सहित कई नामों से पुकारा जाता है। गुरुजी ने बताया कि भागवत पुराण में माता के 18 रूपों का वर्ण किया गया है। कथा में शिव विवाह प्रसंग के आने पर श्रद्धालुओं ने जय भोले के जयकारे लगाए। साथ ही संगीतमय कथा में जमकर नृत्य किया।इस अवसर पर कार्यक्रम मैं भगवान शिव,पार्वती विवाह मनाया गया एवं अभिनय के साथ प्रस्तुत किया। चतरखेड़ा में आयोजित श्री राम कथा में बड़े ही धूमधाम से शिव बारात निकाल शिव पार्वती विवाह संपन्न हुया
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