करोड़ों का भवन बनाने के बाद भी आयुर्वेदिक हॉस्पिटल देवपुरी मे डॉक्टर और स्टाफ़ बैठने को तैयार नही*
*चमोली उत्तराखंड । करोड़ों का भवन बनाने के बाद भी आयुर्वेदिक हॉस्पिटल देवपुरी मे डॉक्टर और स्टाफ़ बैठने को तैयार नही*
रिपोर्ट केशर सिंह नेगी थराली
नारायण बगड
          जहाॅ एक ओर सरकार कोरना की तीसरी लहर का लेकर चिन्तीत है  वही  नारायण बगड वि0ख0 के ग्राम पंचायत देवपुरी के आयुर्वेदिक हाॅस्पिटल में कार्यरत डाॅक्टर व स्टाफ का कई माह से डयूटी पर न होना इस बात को लेकर कितने संवेदनशील है यह दर्शता है। वही ग्रामीणों का कहना है कि जहाॅ सरकार द्वारा करोडों रू0 भवन बनाने में खर्च कर दिये गये लेकिन यहाॅ पर तैनात डाॅक्टर व अन्य स्टाफ यहाॅ पर रहता ही नहीं है जिस कारण ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा हेतु 10 से 15 किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायण बगड जाते है ।
     वि0ख0 नारायण बगड के अन्तर्गत एक दर्जन से अधिक गाॅवों में स्वास्थ्य सुविधा के लिए देवपुरी में करोडों रू0 खर्च कर आयुर्वेदिक हाॅस्पिटल का निर्माण कराया गया जिसमें कि वर्तमान में डाॅक्टर व फार्मसिस्ट सहित एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो कि उपनल के माध्यम से कार्यरत है लेकिन ग्रामीण मनोज भण्डारी, रघुबीर भण्डारी, प्रितम सिंह भण्डारी व नन्दन सिंह भण्डारी के अनुसार हास्पिटल का निर्माण तो कराया गया है लेकिन यहाॅ पर भवन मात्र शो पीश बना हुआ है, यहाॅ पर तैनात डाक्टर को उन्होने कभी देखा ही नही है अधिकतर ग्रामीणों का कहना है कि डाक्टर द्वारा अपना हाजिरी रजिस्टर को बाजार में मंगाकर अपनी हाजिरी लगाने महिने में एक बार पहुचती है व वही से वापस चली जाती है जबकि यहाॅ पर तैनात फार्मासिंस्ट भी हाॅस्पिटल में नही पहुचता है कभी कभार ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा हाॅस्पीटल का ताला खोला जाता है। जिस कारण यह आयुर्वेदिक हाॅस्पिटल महज शोपीस बन कर रह गया है ग्रामीणों का स्वास्थ्य सम्बन्धित सुविधा हेतु 10 से 15 किमी दूर नारायण बगड प्रा0स्व0केन्द्र में पहुचना पडता है जिस कारण कई बार गम्भीर प्राथमिक चिकित्सा ना मिलने के कारण ग्रामीण रास्ते में ही दम तोड देते है । वही कोरना जैसी महामारी के दौरान उक्त स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी सुविधा नही मिल पाई वही जब सरकार अब कोरना की तीसरी वेब की बात कर रही है जो कि छोटे बच्चोें के लिए बडी हानिकारक है बिना डाॅक्टर व मेडिकल स्टाॅफ के किस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में बचाव हो पायेगा ।
       इस सम्बन्ध में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी सुनील कुमार रतूडी के अनुसार वर्तमान समय में हर हाॅस्पिटल में भ्रमण करना सम्भव नही है यदि ग्रामीणों द्वारा इस सम्बन्ध में लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है तो वे आवश्यक कार्यवाही करेगे साथ ही उनके द्वारा सम्बन्धित स्टाफ से स्पष्टिकरण लिया जायेगा।