मण्डलायुक्त सुशील कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को दिये दिशा निर्देश।
मण्डलायुक्त सुशील कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को दिये दिशा निर्देश।
रिपोर्ट ललित जोशी । छायाकार धर्मा चंदेल।
नैनीताल ।   सरोवर नगरी नैनीताल में मण्डलायुक्त  सुशील कुमार ने वीडियांे काॅन्फेसिंग के माध्यम से बैठक लेते हुए मण्डल के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे रोजगार परख व आजीविका सृजन कार्यो में तेजी लाये साथ ही जनपदांे में रोजगार परख प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लाभार्थियों को कार्यो हेतु बैंक ऋण दिलाना सुनिश्चित करें। 
उन्होने मण्डल की जिला योजना की समीक्षा करते हुए कार्यो में तेजी लाकर धनराशि व्यय करने के निर्देश दिये साथ ही योजना की 40 प्रतिशत धनराशि आजीविका सृजन कार्यो व जल संरक्षण में व्यय करने के निर्देश दिये। जिला योजना के अन्तर्गत माह जून में अमुक्त धनराशि का जनपद नैनीताल ने 45, उधमसिंह नगर 43, चम्पावत 45, पिथौरागढ 33 व बागेश्वर ने 37  प्रतिशत व्यय किया। इसी तरह राज्य सैक्टर में अवमुक्त धनराशि का उधमसिंह नगर ने 62, बागेश्वर 61, नैनीताल 68, पिथौरागढ 47, अल्मोडा 49 व चम्पावत 43 प्रतिशत व्यय किया। जिस पर मण्डलायुक्त ने जिला योजना, राज्य व केन्द्र योजनाओं कार्यो में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये साथ ही विधायक व संासद निधि के कार्यो में प्रगति लाने के साथ ही स्वंय मुख्य विकास अधिकारी संासद, विधायको से वार्ता कर कार्य प्रस्ताव मंगाये व उनमें त्वारित धनराशि अवमुक्त करें तांकि शीघ्रता से कार्य प्रारम्भ हो सके। उन्होने जलजीवन मिशन कार्यो के आगंणन बनाते हुए कार्यो में तेजी लाने के निर्देश भी दिये। उन्होने कहा कि बाॅर्डर ऐरिया विकास योजना अतिमहत्वपूर्ण योजना है इसलिए मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ योजना में अधिक से अधिक योजना प्रस्ताव बनाकर भेजें व प्राप्त धनराशि के कार्यो में तेजी लाये।  
उन्होेने कहा कि कोविड काल दौरान रोजगार की हानि हुई है जिससे  अर्थव्यवस्था काफी खराब हुई है स्थानीय लोगों की बेरोजगारी के साथ ही प्रवासी भी शहर व ग्रामो में आये है जिन्हे रोजगार से जोड़ना अतिआश्यक है इसलिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना व मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना व अन्य योजनाओ से अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभ पहॅुचाया जाये। 
मण्डलायुक्त ने कृषि व इससे सम्बन्धित सैक्टर पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होेने कहा कि कृषि, उद्यान, मत्सय, मुर्गी, बकरी, दुग्ध पालन, सब्जी उत्पादन के क्लस्टर बनाकर सभी सम्बन्धित अधिकारी समन्वय बनाते हुए विभागीय योजनाओ में युगपतिकरण करें तांकि अधिक से अधिक लोगो को योजनाओ का लाभ पहुॅचाया जा सके तथा उनके उत्पाद को बाजार भी आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होने कहा कि जनपद पिथौरागढ, चम्पावत में सब्जी, तेजपात व मसाला उत्पादन की बहुत सम्भावनाऐं है मुख्य विकास अधिकारी क्लस्टर बनाकर अधिक से अधिक काश्तकारों को जोड़ते हुए उत्पादन बढ़ाये। उन्होने मनरेगा कार्यो मे ंतेजी लाने के लिए साथ ही पहाडी जनपदो में छोटे-छोटे लघु उद्योग स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये। उन्होने सभी प्रकार की पेंशन समयबद्ध तरीके से खातों मे डालने के निर्देश दिये। उन्होनेे मुख्य विकास अधिकारी चम्पावत को लोहाघाट, चम्पावत में निर्माणाधीन साॅलेड वेस्ट प्लंाट निर्माण कार्यो में तेजी लाने के साथ ही टनकपुर में प्रस्तावित साॅलेड वेस्ट प्लंाट भूमि शीघ्र चिन्हित कराकर कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश भी दिये।
मण्डलायुक्त ने जिला योजना, राज्य सैक्टर, केन्द्र सैक्टर, बाहय सहायतित योजना कार्यो की समीक्षा करते हुए कार्यो मे तेजी लाकर प्राप्त धनराशि व्यय करने के निर्देश मण्डल के मुख्य विकास अधिकारियों को दिये। उन्होने कहा कि मुख्य विकास अधिकारी योजना कार्यो की नियमित समीक्षा करें तथा कार्यो का निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन भी कराये। वीसी में जिलाधिकारी बागेश्वर विनीत कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डाॅ. संदीप तिवारी, उधमसिंह नगर हिमांशु खुराना, अल्मोडा नवनीत पाण्डे, पिथौरागढ अनुराधा पाल, चम्पावत राजेन्द्र सिंह रावत, बागेश्वर डीडी पंत, उपनिदेशक अर्थ एंव संख्या राजेन्द्र तिवारी,डीएसटीओ एलएम जोशी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बीजूलाल सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे।