श्रावण मास के पहले सोमवार को शिव मंदिरों में लगा श्रद्धालुओं का तांता
श्रावण मास के पहले सोमवार को शिव मंदिरों में लगा श्रद्धालुओं का तांता
शिवलिंग पर जलाभिषेक कर लगाएं बम बम भोले के जयकारे
बराड़ा, (जयबीर राणा थंबड़)। श्रावण मास आरंभ होते ही जहां मानसून में लोगों के चेहरे खिले रहते हैं वहीं भक्ति भाव से भी श्रावण का महीना बहुत पवित्र माना जाता है। पुराणों में भी श्रावण मास में शिव पूजा और दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है। आज श्रवण के पहले सोमवार को शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आज के विशेष दिन लोगों ने जलाभिषेक कर अपने आराध्य भगवान महादेव को प्रसन्न किया और बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारों से आकाश गुंजायमान हुआ। मन्दिरों में श्रद्धालुओं ने कोविड-19 के अंतर्गत सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों का पालन करते हुए पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को सार्थक करने और जनकल्याण की भावना से भगवान शिव की पूजा अर्चना की और पूरे विश्व के लिए सद्भावना, शांति और भाईचारे  का आशीर्वाद मांगा।
पं. शंकर शर्मा के अनुसार पौराणिक मान्यता के अनुसार श्रावण महीने को देवों के देव महादेव भगवान शंकर का महीना माना जाता है। इस संबंध में पौराणिक कथा है कि जब सनत कुमारों ने महादेव से उन्हें श्रावण महीना प्रिय होने का कारण पूछा तो महादेव भगवान शिव ने बताया कि जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के घर में योगशक्ति से शरीर त्याग किया था, उससे पहले देवी सती ने महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। अपने दूसरे जन्म में देवी सती ने पार्वती के नाम से हिमाचल और रानी मैना के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया। पार्वती ने युवावस्था के श्रावण महीने में निराहार रह कर कठोर व्रत किया और उन्हें प्रसन्न कर विवाह किया, तब से महादेव के लिए यह माह विशेष हो गया।
बराड़ा के मुख्य बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर, सिंहपुरा के शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, सोहम आश्रम, रेलवे कालोनी सहित बराड़ा गांव क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल चढ़ा कर भगवान शिव को प्रसन्न किया।