सचखंड लंगर सेवा समिति के मुख्य सेवादार सुखविंदर सिंह नहीं रहे बहुत बड़ी क्षति
सचखंड लंगर सेवा समिति के मुख्य सेवादार  सुखविंदर सिंह नहीं रहे  बहुत बड़ी क्षति
इटारसी शहर में 15 वर्षों से नांदेड़ एक्सप्रेस  एवं  2 वर्षों से   कोरोना काल में जरूरतमंदों को सबसे बड़ी सेवा  देने वाले सचखंड लंगर सेवा समिति इटारसी मुख्य सेवादार सुखजिंदर सिंह रिंपी बिंद्रा  जी का  दुखद निधन हो गया मार्च 2020 से 2021 तक लगातार इटारसी के कोरोना काल के दौरान पॉजिटिव मरीज ,शासकीय हॉस्पिटल, प्राइवेट हॉस्पिटल, इटारसी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हर जरूरतमंद के घरों में लंगर पहुंचाने का सेवा  रिंपी बिंद्रा जी द्वारा की जाती थी पिछले साल 2020 मार्च  कोरोना काल से लंगर सेवा प्रारंभ की, प्रवासी मजदूरों एवं इटारसी के अन्य क्षेत्रों में  दिन, रात  सेवा कर  जरूरतमंद के लिए लंगर रिंपी बिंद्रा द्वारा स्वयं अपने हाथों से लंगर बनाया जाता था जब रात में मुंबई से प्रवासी मजदूर पैदल चलकर इटारसी पहुंचते थे तो रात में सूचना मिलने पर 1:00  बजे भी उठ कर लंगर के पैकेट रिंपी बिंद्रा द्वारा बनाए जाते थे और तत्काल प्रवासी मजदूरों को लंगर और दवाइयां आदि वितरण किया जाता था इटारसी क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी क्षति हुई है सुबह उठकर सब्जी लाना शाम और सुबह की लंगर की व्यवस्था करना। नागपुर से इटारसी आए लंगर की सेवा करने के लिए निरंतर सबसे पहले आगे रहकर खुद ही लंगर अपने हाथों द्वारा तैयार किए जाता था सुबह 5:00 बजे उठकर गुरुद्वारे जाकर मत्था टेक कर  लंगर की सेवा प्रारंभ की जाती थी। ऐसा कई बार हुआ जब कोरोना काल मे मुंबई या अन्य राज्यों से प्रवासी मजदूर पैदल चलकर रात में इटारसी पहुंचते थे, तो  मैं उनको फोन लगाता था ,जी प्रवासी मजदूर आए हैं लंगर बनाना है तो उनका जवाब रहता था कितने लोग हैं मैं बोलता था  25 , 30 है  चाचाजी  बोलते थे, अपन 60 ,70 , व्यक्तियों  का बना देंगे , चिंता मत करो , बाकी पैकेट आगे के लिए दिए जाएंगे, और मुश्किल से 30  मिनट में उनके द्वारा  लंगर के  पैकेट की व्यवस्था की जाती और फिर सेवादारों द्वारा लंगर प्रवासी मजदूरों को दिया जाता  इटारसी शहर के लिए समाज के क्षेत्र में बहुत ही बड़ी क्षति हुई है , यह शायद ही कोई नहीं भर पाएगा।
मुझे भी बहुत पीड़ा हो रही है मुझे व्यक्तिगत रुप से बहुत क्षति हुई है।