सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने व भामाशाहों के सहयोग से बदली विद्यालय की तस्वीर।

 सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने व भामाशाहों के सहयोग से बदली विद्यालय की तस्वीर।




शिव बाड़मेर।


शिव पंचायत समिति के भिंयाड़ में अमर सिंह की ढाणी  राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने अपने संस्थान की तस्वीर ही बदल दी है। स्कूल और शिक्षा व्यवस्थाओं को बदलने और सुधारने के जूनून के साथ स्कूल के अध्यापकों ने सरकारी स्कूल का कायाकल्प भी कर के रख दिया।

 राजकीय उच्च  प्राथमिक विद्यालय की तर्ज पर शिक्षा दे रहे शिक्षकों ने इस विद्यालय को नीजी स्कूल से भी बेहतर बना दिया है। इस विद्यालय में कुल 10 शिक्षक शिक्षिका हैं। प्रधानाध्यापक कुम्प सिंह भाटी, संतराम देऊ, भूराराम, विनोदकुमार, गुरूदयाल सैनी, दुर्गा कंवर, ओमाराम, पारूल शर्मा, कविता शर्मा, प्रिंयका शर्मा सहित कुल दस  अध्यापक अध्यापिकाएँ इस विद्यालय में सेवाएं दे रहीं हैं। अमर सिंह की ढाणी राजकीय उच्च  प्राथमिक विद्यालय की शिक्षा व्यवस्थाओं को बदलने और सुधारने के जूनून के साथ स्कूल के अध्यापक ओमाराम ने अपने एक माह का वेतन विद्यालय में दिया व क्षैत्र के समस्त ग्राम वासियों व भामाशाह के सहयोग से सरकारी स्कूल की तस्वीर ही बदल दी। शिक्षकों ने अपने व  भामाशाहों के सहयोग से विद्यालय के भवनों की हालत सुधार कर पेड़ पौधे व बगीेचें लगाए व साथ -साथ 

स्कूल की दशा सुधारने की ठान ली तो विद्यालय के हालात सुधरे तो बच्चों को घरों से बुलाकर लाने की जरूरत खत्म हो गई। अभिभावकों ने जब बदलाव महसूस किया तो बच्चों को समय से स्कूल भेजना शुरु कर दिया।

 प्रधानाध्यापक कुम्पसिंह भाटी ने बताया कि स्कूल के भवन की हालत सुधारकर पेड़-पौधे लगाने के बाद विद्यालय में छात्र व छात्राओं के लिए पीने के पानी व अलग-अलग साफ -सुथरे शौचालय तैयार किए गए। स्कूल में पंखे व लाइट के साथ ही बिजली की व्यवस्था कराई गई।

-विद्यालय भवन के रंग-रोगन से सूरत बदलने के साथ ही दीवारों पर आकर्षक ढंग से बालिका शिक्षा, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी संदेश अंकित किए गए। जबकि,  विद्यालय के ग्राउंड समतलीकरण कर चारदीवारी बनाने का काम भी करवा कर वॉल पेंटिंग करवाई गई। इस  विद्यालय में कुल नामांकन 210 हैं। जो गत साल से 12% बढोतरी हुई हैं। 

 विद्यालय में करीब 75 बच्चों के मनोरंजन के लिए भी झूला भी लगाया है। वही, खेलकूद प्रतियोगिता में भी बढ़चढक़र भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। विद्यालय ब्लाक स्तरीय खोखों प्रतियोगिता में प्रथम स्थान भी हासिल कर चुका है।


शिव से मूलाराम चौधरी की रिपोर्ट