छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा सत्ता में आने के पूर्व जो किसानों से वादा किया था आज उससे पीछे हट रहे हैं, पूरे छत्तीसगढ़ के किसान आज  हताश और निराश है आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं :- राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा सत्ता में आने के पूर्व जो किसानों से वादा किया था आज उससे पीछे हट रहे हैं, पूरे छत्तीसगढ़ के किसान आज  हताश और  निराश है आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं :- राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम



नवनीत पांडेय

जिला ब्यूरो

बलरामपुर - रामानुजगंज




बलरामपुर :-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा सत्ता में आने के पूर्व जो किसानों से वादा किया था आज उससे पीछे हट रहे हैं, पूरे छत्तीसगढ़ के किसान आज  हताश और  निराश है आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं। किसानों के साथ क्रूर व्यवहार भूपेश बघेल सरकार कर रही है उक्त उद्गार लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस में राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम के द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में कही इस दौरान उनके साथ जिला संगठन सह प्रभारी नरेश नंदे भी उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद नेताम ने पत्रकारवार्ता में प्रदेश सरकार के वादाखिलाफी धान वादा खिलाफी धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर 13 जनवरी को विधानसभा स्तर एवं 22 जनवरी को जिला स्तर पर आयोजित प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन की भी जानकारी दी।


                            राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा 9000 करोड़ छत्तीसगढ़ सरकार को दिए परंतु यह सरकार किसानों का धान खरीदी नहीं कर पा रही है। धान खरीदी के लिए बारदाना की बुकिंग संबंधित एजेंसी को 3 महीना पहले की जाती है परंतु सरकार के नकारात्मक रवैया कारण आज बारदाना की आपूर्ति समय पर नहीं हो पाई है। 2 साल में विफलता के सारे कीर्तिमान हासिल कर चुकी छत्तीसगढ़ में बैठी कांग्रेस की सरकार किसान विरोधी है और प्रदेश के किसानों के साथ लगातार अन्याय कर रही है हालात इतने खराब हैं कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र में भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं कांग्रेस के वादाखिलाफी और विश्वासघात का रोज नया रिकॉर्ड बन रहा है कांग्रेस को यह ध्यान रखना होगा कि जो किसान बुरा जानता है वह काटना भी जानता है।



गिरदावरी के नाम पर किसानों का रकबा कम करने का किया षड्यंत्र- नेताम ने भूपेश बघेल सरकार पर आरोप लगाया कि गिरदावरी के नाम पर किसानों के रकबा को कम किया गया जिसके पीछे धान खरीदी से बचना और कम धान खरीदी की मंशा है।