एक शाम सुभाष चन्द्र बोस के नाम कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
मठारदेव मेला समापन पर 

एक शाम सुभाष चन्द्र बोस के नाम कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर बाबा मठारदेव मेला प्रांगण में एक शाम सुभाष के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर नेताजी एवं शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ 101 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधाकृष्ण शास्त्री एवं भाजपा जिला बबला शुक्ला ने भारत माता एवं सुभाषचंद्र बोस के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक कमलेश सिंह, बैतूल से पधारे भाजपा नेता अविजर हुसैन, विकास मिश्रा, विक्रम वैद्य, भाजपा मंडल अध्यक्ष नागेंद्र निगम, जिला मंत्री रणजीत सिंह, नेता प्रतिपक्ष संजय अग्रवाल, नपा उपाध्यक्ष भीमबहादुर थापा सहित कई लोग मौजूद थे। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष बबला शुक्ला ने आजाद हिंद फौज के सिपाही एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधाकृष्ण सिंह को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शुक्ला ने कहा कि नेताजी के त्याग के कारण ही हमे आजादी मिली है। हम क्रांतिकारियों के बारे में  जानेंगे तभी हम आजादी की असली कीमत समझेगें। अपना संस्मरण सुनाते हुए स्वतंत्रता सेनानी राधाकृष्ण सिंह ने कहा कि बर्मा से लेकर इम्फाल और सिंगापुर तक हम लोगों ने नेताजी के साथ मिलकर आजादी की जंग लड़ी थी। हमे खुशी है कि देश आजाद है और आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम के संयोजक कमलेश सिंह ने कहा कि हमे शहीदों के बलिदान को एक क्षण के लिए भी विस्मृत नही करना चाहिए। स्थानीय कलाकार युगल किशोर खवसे, राजेश बरबड़े, श्याम कुमार परते और आसित विश्वास ने तुम्हारे हवाले वतन साथियों, ये मेरे प्यारे वतन, जरा याद करो कुर्बानी जैसे गीत गाकर माहौल को देश भक्ति की भावना से ओत प्रोत कर दिया। ये देश है वीर जवानों की प्रस्तुति पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। कलाकारों एवं कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जिला अध्यक्ष बबला शुक्ला ने भी मेरे देश की धरती गीत की प्रस्तुति दी। इस अवसर उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी को पुष्पगुच्छ भेंट किया एवं उनके चरण छुए। कार्यक्रम का सफल संचालन मण्डल मंत्री विनय मदने एवं आभार प्रदर्शन मण्डल अध्यक्ष नागेन्द्र निगम ने किया। राष्ट्रगान जन गण मन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।