शासकीय भूमि पर घर टूटने के बाद शासकीय जमीन बेचने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने पीड़ित पहुंचे थाने, कलेक्टर बोले शासकीय जमीन बिक्री करने वालों के विरुद्ध होगी एफआईआर दर्ज

शासकीय भूमि पर घर टूटने के बाद शासकीय जमीन बेचने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने पीड़ित पहुंचे थाने, कलेक्टर बोले शासकीय जमीन बिक्री करने वालों के विरुद्ध होगी एफआईआर दर्ज


रामानुजगंज कलेक्टर श्याम धावडे के निर्देश के बाद प्रभारी तहसीलदार एवं डिप्टी कलेक्टर के शासकीय जमीन पर हुए निर्माण कार्य को तोड़े जाने के बाद इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ जिन लोगों के घर टूटे वे अब थाने की शरण में पहुंच गए हैं उन्होंने आरोप लगाया कि नगर के ही कुछ लोगों के द्वारा शासकीय जमीन पर अपना कब्जा 40-50 वर्ष का बताकर जमीन ₹100 के स्टांप पेपर में बेचा दिया गया था। जिसके बाद निर्माण हुआ था। अब ठगी के शिकार हुए यह लोग थाने में ठगी करने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।                                  गौरतलब है कि नगर में एकाएक जमीन का रेट आसमान छूने के बाद भू माफियाओं की नजर नगर के सभी खाली पड़े शासकीय जमीनों पर गई पहले भू माफिया इन जमीनों पर कब्जा करते हैं उसके बाद बकायदा प्लाटिंग करके ₹100 एवं ₹50 की स्टांप पेपर में उसे बेचने का खेल खेलते हैं एवं लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं। कलेक्टर श्याम धावडे के निर्देश के बाद प्रभारी तहसीलदार एवं प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर विवेक चंद्रा के द्वारा नगर आठ विभिन्न निर्माण कार्यों को जमीनदोज किया जो शासकीय भूमि पर बने हुए थे प्रशासन की इस कार्यवाही के बाद बड़ा खुलासा तब हुआ जब जिन लोगों ने जमीन लेकर घर बनाए थे वह जब थाने पहुंचे एवं बताएं कि हमें बताया गया कि जमीन पर 40-50 वर्षो से हम लोगों का कब्जा है एवं कब्जा बता कर ही हम लोगों से बिक्री की गई थी।जमीन खरीदने वाली सीमा देवी,बेबी गुप्ता ने बताया कि हम लोगों को धोखे से जमीन बेचा गया। जमीन में खरीदने में एवं घर बनाने में हम लोगों ने पूरी जमा पूंजी लगा दी थी।


गरीब हो रहे हैं ठगी के शिकार- एक ओर निजी स्वामित्व की भूमि के रेट एकाएक इतने बढ़ गए हैं कि उसे गरीब लोगों के लिए लेना असंभव सा है  बस इसी का फायदा भू माफिया उठा रहे हैं जो इन लोगों को आसानी से अपने झांसे में लेते हैं बेचारे एक एक रुपया जमा करके रखते हैं एवम भू माफियाओं के झांसे में आकर शासकीय जमीन ले लेते हैं।



आज तक कार्यवाही नहीं होने से हौसले हैं बुलंद- एक ओर शासकीय जमीनों पर बने घरों को तो तोड़ दिया जाता है परंतु जो शासकीय जमीनों की खरीद बिक्री कर लाखों रुपए की अवैध कमाई कर रहा है एवं गरीब लोगों को ठग रहा है उसके विरुद्ध कार्यवाही नहीं करने से अभी भी ऐसा करने वाले लोगों के हौसले बुलंद हैं उनके विरुद्ध जी प्रशासन को चिन्हांकित कर कार्यवाही की आवश्यकता है।
अतिक्रमण के लिए जिम्मेवार राजस्व विभाग के जमीनी अमला पर कब होगी कार्यवाही ?- नगर में विगत तीन-चार वर्षों में तेजी से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हुआ पूरा नगर जानता है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कहा कहा हो रहा है ऐसे में यह कैसे संभव है कि राजस्व विभाग का जमीनी अमला इससे अनभिज्ञ हो अब सवाल उठता है कि जिस प्रकार से नगर के जमीनों में अतिक्रमण हुआ निश्चित रूप से इसमें संरक्षण राजस्व विभाग के जमीनी अमला का रहा ऐसे में सवाल उठता है कि उनके विरुद्ध कार्यवाही कब होगी ?


₹45000 डिसमिल अलग से नगर पंचायत एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के नाम पर अलग से ₹30000 की वसूली- शासकीय भूमि को बिक्री करने वालों ने ₹45000 डिसमिल शासकीय भूमि को बिक्री कर दिया वही ₹30000 अनुमति के नाम पर अलग से वसूले एवं कहा कि या पैसा नगर पंचायत एवं राजस्व विभाग के अधिकारी को अनुमति के लिए देना है।


इस संबंध में कलेक्टर श्याम धावडे ने कहा कि जो शासकीय जमीन की बिक्री कर रहे हैं ऐसे लोगों के विरुद्ध एसडीएम एवं तहसीलदार को दोनों को निर्देशित किया गया है कि तत्काल एफआईआर दर्ज कराएं।


रामानुजगंज से सौरव कुमार चौबे की रिपोर्ट