कैपेसिटर बैंक बने किसानों के लिए वरदान शिव,भियाड़ व बायतु क्षेत्र के हजारों किसानों को वोल्टेज में सुधार से मिली निर्बाध बिजली आपूर्ति
*कैपेसिटर बैंक बने किसानों के लिए वरदान शिव,भियाड़ व बायतु क्षेत्र के हजारों किसानों को वोल्टेज में सुधार से मिली निर्बाध बिजली आपूर्ति*

वागाराम बोस की रिपोर्ट 

बाड़मेर, 06 जनवरी।
जोधपुर डिस्काॅम बाड़मेर द्वारा शिव-भियाड़ बायतु क्षेत्र के किसानों की विद्युत वोल्टेज एवं ओवरलोड सिस्टम की समस्याओं के निस्तारण के लिए लगाए गए केपेसिटर बैंक से क्षेत्र के हजारों किसानों को उच्च गुणवत्ता से विद्युत आपूर्ति हुई हैं।
यह जानकारी देते हुए जोधपुर डिस्काॅम बाड़मेर के अधीक्षण अभियंता अजय माथुर ने बताया कि बाड़मेर से निकलने वाले शिव 132 केवी लाईन के ओवरलोड होने के कारण 132 केवी जीएसएस शिव, भियाड़, उण्डू, कानोड़ की विद्युत आपूर्ति में बार-बार व्यवधान आता था, जिसके समाधान के लिए शिव मुख्यालय पर 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन भी स्वीकृत हो रखा हैं। परन्तु उक्त सब स्टेशन के निर्माण में हो रही देरी एवं किसानों की समस्याओं के निदान के लिए अधीक्षण अभियंता द्वारा भियाड़, उण्डू, कानोड़ क्षेत्र के 33/11 केवी के 10 सब स्टेशनों के वोल्टेज सुधार के लिए केपेसिटर बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए पूर्व में जिन 33/11 केवी सब स्टेशनों पर केपेसिटर बैंक लगाए गए थे एवं वर्तमान में वह उपयोग में नहीं थे या खराब स्थिति में थे, उनका सदुपयोग करते हुए उन्हे दुरूस्त करवाकर निगम स्तर से ही 10 सब स्टेशनों पर यह कैपेसिटर बैंक स्थापित किए गए। इसमे भियाड़, उण्डू, चोचरा व मौखाब व बायतु क्षेत्र के बाटाडू, भीमडा, जेताणियों की ढ़ाणी एवं चौखला 33/11 केवी सब स्टेशन शामिल हैं। माथुर ने बताया कि इस नवाचार से इस बार रबी की सीजन में क्षेत्र के हजारों किसानों को नए कनेक्शन देने के उपरांत भी उच्च गुणवत्ता की निर्बाध बिजली मिल पाई हैं।
दो सोलर प्लांट भी बने मददगारः
अधीक्षण अभियंता बाड़मेर अजय माथुर ने बताया कि रबी की सीजन में किसानों को बिना रूकावट उच्च गुणवत्ता प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा किए गए कैपेसिटर बैंक के प्रयासों के साथ ही स्थानीय क्षेत्र में स्थापित दो सोलर प्लांट भी खासे मददगार साबित हुए। 20-20 मेघावाट के दो सोलर प्लांट गूंगा गांव में स्थापित किए गए एवं उनकी विद्युत उत्पादन को 132 केवी जीएसएस पर जोड़ा गया । जहां कृषि कनेक्शन का लोड पहले से बहुत अधिक था। इस प्रकार लोड सेंटर पर ही विद्युत का उत्पादन जोड़ने से किसानों को विद्युत की समस्या से छुटकारा मिला। माथुर ने बताया कि बाड़मेर  जैसे वृहद जिले में अगर इसी तरह अन्य 132 केवी, 220 केवी एवं 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशनों के पास उपलब्ध जमीन पर सौलर प्लांट लगाकर विद्युत उत्पादन जोड़ा जाए तो पूरे जिले के किसानों को अच्छे वोल्टेज की गुणवत्तापूर्ण निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा सकती हैं। साथ ही इससे जिले में ओर नए 132, 220 जीएसएस बनाने की आवश्यकता भी कम हो जाएगी एवं जीएसएस पर ही सौलर से उत्पादित बिजली जोड़ने से लंबा-चौड़ा विद्युत तंत्र डालने की भी आवश्यकता भी कम हो जाएगी एवं लाईनों में तकनीकी छीजत भी कम हो जाएगी।
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