बालोतरा में निर्माणाधीन अवैध अस्पताल नगर परिषद ने किया सीज।
*बालोतरा में निर्माणाधीन अवैध अस्पताल नगर परिषद ने किया सीज।* 

इस अवैध अस्पताल के संबंध मे राजस्थान हाई कोर्ट मे आरटीआई कार्यकर्ता सुमेर लाल शर्मा ने लगाई थी जन हित याचिका एवं सभी अधिकारियों को किया था प्रतिवेदन पेश। 

नगर परिषद बालोतरा के आयुक्त श्री शिवपालसिंह ने जारी किया सीज का आदेश। 




बालोतरा शहर मे बिजली घर बालोतरा के पास स्थित चेलाराम पुत्र नेमाराम, जाति चौधरी के भू खण्ड में हो रहे अवैध निर्माणाधीन के मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर मे विचाराधीन जनहित याचिका सुमेर लाल शर्मा बनाम राज्य सरकार में आयुक्त नगर परिषद बालोतरा ने सीजर आदेश क्रमांक नापबा / इजाजत / 2021/6575 दिनांक 10/09/2021 को जारी कर राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 एवं भवन विनियम 2020 के तहत सीज कर ली है । दिनांक 10.09.2021 को सीज का एक आदेश जारी करते हुऐ आयुक्त नगर परिषद ने अस्तपाल मालिक चैलाराम पुत्र। नेमाराम चौधरी को सूचित करते हुए लिखा कि भवन निर्माण इशाजत शाखा में दर्ज पत्रावली सं . 284 / 2019-2020 , 149 / 2020-21 के तहत के आप द्वारा आवासीय भवन का मानचित्र प्रस्तुत कर भवन अनुज्ञा की मांग की गयी थी । जिसके संबंध मे इस कार्यालय के द्वारा भवन अनुज्ञा क्रमाक नपबा / इजाजत / 2020 / 117 दिनांक 11.12.2020 नपबा / इजाजत / 2020-21 / 176 दिनांक 24.02.2021 के तहत आवासीय भवन अनुज्ञा जारी की गयी । कार्यालय नोटिस कमांक नपबा / इजाजत / 2020 / 117 दिनांक 11/12/2020 के जरिये आपको सूचित किया गया था कि आप द्वारा आवासीय भवन अनुज्ञा प्राप्त कर व्यावसायिक भवन का निर्माण करवाया जा रहा है । आपका उक्त कृत्य राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 एवं भवन विनियम 2020 का स्पष्ट उल्लंघन प्रतीत होता है । अतः आपको जरिये नोटिस सूचित किया जाता है कि आप निर्माण कार्य त्वरित रूप से रुकवाकर दस्तावेजों सहित स्पष्टीकरण 3 दिवस के भीतर उधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करें परन्तु आप द्वारा कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाकर नियमों के विरुध जाकर निर्माण कार्य किया जाना जारी रखा है । अतः राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 एवं भवन विनियम 2020 के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए आपके पक्ष में जारी उक्त निर्माण अनुज्ञाएँ अविलम्ब स्थगित की जाती है , उक्त भवन निकाय की ओर से अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा आगामी आदेशों तक सीज किया जाता है तथा दौरान सीज के किसी भी प्रकार के उल्लंघन की कार्यवाही आपके या आपके प्रतिनिधि की ओर से नहीं की जायें अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही अमल में लायी जायेगी , जिसकी समस्त जिम्मेदारी आप स्वयं की होगी । तथा इस सीज आदेश के साथ ही एक उक्त आदेश कि एक प्रतिलिपी वास्ते कार्यवाही हेतु सफाई निरीक्षक नगर परिषद बालोतरा , को भेजकर आदेश दिया कि उक्त आदेश वर्णित भवन पर चस्पा कर सीज करने की कार्यवाही मय फोटोग्राफर्स व विडियोग्राफी के साथ किया जाना सुनिश्चत करें तथा आगामी आदेशों तक किसी भी प्रकार की निर्माण कार्यवाही नहीं होने देवें एवं स्टोर शाखा लिपिक नगर परिषद बालोतरा को उक्त सीज आदेश भेजकर आदेश दिया कि वह सफाई निरीक्षक को फोटाग्राफर उपलब्ध करावें । 

आरटीआई कार्यकर्ता सुमेर लाल शर्मा ने बताया कि उन्होने सभी पक्षकारों को दिनांक 04 मार्च 2021 को प्रतिवेदन पेश कर अनुरोध किया कि चेलाराम पुत्र नेमाराम , जाति चौधरी के बिजली घर बालोतरा के पास स्थित भू खण्ड में हो रहे अवैध निर्माण को अविलम्ब रुकवा कर सीज करने व विधिवत कार्यवाही करने एवं अनुज्ञा पत्र निरस्त करने का अनुरोध किया लेकिन किसी भी पक्षकार ने कोई कार्यवाही नहीं कि जिससे व्यथित हो कर माननीय राजस्थान उच्च न्यायलय कि शरण ली । लेकिन राजनैतिक रसूखात रखने वाले चेलाराम चौधरी द्वारा दिनांक 14.02.2020 को बिजली घर बालोतरा के पास स्थित प्लॉट पर आवासीय मकान बनाने हेतु अध्यक्ष एवं आयुक्त , नगर परिषद बालोतरा के समक्ष एक आवेदन पेश किय , लेकिन आयुक्त नगर परिषद बालोतरा श्री शिवपालसिंह ने आवासीय कॉलोनी में अवैधानिक रूप से अनुज्ञा पत्र क्रमांक नपबा / इजाजत / 2020 दिनांक 11.12.2020 को पत्रावली सं . 284 / 2019-20 के जरीये अवैधानिक रूप से भवन / दुकान निर्माण यानी व्यवसायिक भवन निर्माण की इजाजत बिना मांगे ही दे दी । उक्त भूखण्ड मालिक ने भी राजनैनिक दबदबे के चलते मुख्य सड़क चौड़ाई से करीब 15 फिट तक खोद कर लगभगत 15 फिट महरा खड्डा कर निर्माण कार्य प्रारम कर दिया । जिस पर स्थानिय लोगों ने पुरजोर विरोध भी किया था जिस पर उपखण्ड अधिकारी बालोतरा द्वारा अवैध निमार्ण को रोकने के क्रम में पत्र कमांक / पीए / 2020 / 1432 दिनांक 23.12.2020 आयुक्त , नगर परिषद बालोतरा को लिखा गया लेकिन नगर परिषद बालोतरा ने कोई कार्यवाही नहीं की । उक्त निर्माणाधीन व्यवसायिक इमारत भवन विनियन अधिनियम 2020 की तालिका 1 के अनुसार भूखण्डों पर ( आवासीय वाणिज्यिक , संस्थागत ) भवन निर्माण हेतु मानदण्ड के अनुसार 225 मी . से अधिक परन्तु 350 व मी तक के परिमाप तथा 12 मीटर से अधिक उंचाई वाली इमारतों की परमिशन के लिये ऐसी इमारतों के आगे 15 मीटर ( 49,2126 फिट ) की सड़क अनिवार्य है । इससे कम चौड़ाई की सड़कों पर उक्त परिमाप की इमारतों की मंजूरी नहीं दी जा सकती । जबकी आवेदक चेलाराम चौधरी को दिनांक 14.02.2020 को बिजली घर बालोतरा के पास स्थित उपरोक्त वर्णित प्लॉट जिसका परिमाप 250.65 वर्ग मीटर है तथा इस इमारत में बेसमेंट , ग्राउंड फ्लोर , प्रथम मंजिल व दूसरी मंजिल सहित कुल 125 मीटर उंची इमारत बनाने की इजाजत अवैधानिक तौर पर दी गई है । उक्त इमारत के आगे सड़क केवल 6.10 मीटर ( 20 फिट ) चौड़ाई बची है तथा बाकी सरकारी सम्पत्ती यानी आम सड़क को तोड़कर , कॉर्नर पर सड़क मार्ग अवरुद्ध कर उस पर अतिकमण कर निमार्ण प्रारंभ किया गया । आवेदक चेलाराम चौधरी ने शपथ पत्र देकर केवल भूतल व प्रथम तल की मांग की थी उसके बावजूद भी आयुक्त नगर परिषद बालोतरा श्री शिवपालसिंह ने आवासीय कॉलोनी में अवैधानिक रूप से अनुज्ञा पत्र कमाकः –नपबा / इजाजत / 2020 दिनांक 11.12.2020 को पत्रावली सं . 284 / 2019-20 के जरीये अवैधानिक रूप से भवन / दुकान निर्माण ( व्यवसायिक भवन निर्माण ) की 125 मीटर उंचाई वाली व्यवसायिक इमारत बनाने की इजाजत दी । 

इस निर्माणाधीन अस्पताल में किसी भी प्रकार से नियमों की पालना नही करने , भवन विनियम अधिनिधम 2020 की पालना नही किये जाने व बार बार नोटिसों के बावजूद भी लापरवाही बरतने के कारण उक्त व्यवसायिक इमारत को सीज करने के आदेश जारी किये गये है।