जमीन नहीं किसी के पास तो बीज बोने के लिए पैसे नहींयही हाल है घोड़ाडोंगरी की कृषक भूमि का
जमीन नहीं किसी के पास तो बीज बोने के लिए पैसे नहीं
यही हाल है घोड़ाडोंगरी की कृषक भूमि का
घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के कृषक ओमकार जी का कहना है कि 25 एकड़ जमीन होने के बावजूद भी सोयाबीन का बीज ₹90 किलो होने के वजह से पैसे की व्यवस्था नहीं बन पाने से बोने में असमर्थ रहे क्या करें कभी-कभी पानी ज्यादा हो जानता है बरसात का कभी-कभी कम गिरता है तो किसानों को नुकसान उठाना ही पड़ता है और कभी बीज का रेट आसमान छू रहा होता है आज 25 एकड़ जमीन होने के बावजूद मात्र 4 एकड़ जमीन में ही सोयाबीन की फसल वो पाने में सक्षम हुए बाकी की जमीन खाली पड़ी नजर आए दूर-दूर तक पानी की कमी की वजह से मात्र एक फसल सोयाबीन की बोना पड़ता है ऐसे में कृषकों की जीविका जीने में सफलता नहीं मिल पा रही है आसपास के सभी किसानों की हालत भी कुछ ऐसे ही है सरकार के उचित मूल्य के बीज की कीमत इस वर्ष ₹90 किलो रहे ऐसे में किसानों के पास इतनी पूंजी नहीं होने की वजह से फसल पूरी खेत में नहीं होने का कारण बना पिछले 2 साल से कोरोना वायरस की मार झेल रहे हैं शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोग शहरी क्षेत्र के लोग व्यापार से और कृषि क्षेत्र में किसान दोनों पर भारी मात्रा से असर पड़ा हुआ है इनके बारे में अभी तक सरकार की तरफ से उचित मूल्य में बीज उपयुक्त ना करवाए जाने की शिकायत है एवं व्यापार की स्थिति बेहतर ना होने पर दोनों ही तरफ मायूसी चेहरे पर अलग ही नजर आती है प्रकृति की आपदा का भी कोई ठिकाना नहीं उस पर भी इन सभी की निगाहें बस टिकी ही रहती है कि कहीं आफत ना आ जाए
घोड़ाडोंगरी रिपोर्टर मनोज पवार