आत्मनिर्भर भारत एक जिला एक उत्पाद के तहत् संतरा उत्पादन एवं निर्यात पर वर्चुअल मीटिंग सम्पन्न

 

आत्मनिर्भर भारत एक जिला एक उत्पाद के तहत् संतरा उत्पादन एवं निर्यात पर वर्चुअल मीटिंग सम्पन्न

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आगर-मालवा 
    आत्मनिर्भर भारत योजनान्तर्गत एक जिला एक उत्पाद के तहत एमपीआईडीसी के माध्यम से संतरा उत्पादन एवं निर्यात पर कलेक्टर श्री अवधेष शर्मा के निर्देषनु में बुधवार को वर्चुअल मीटिंग का आयोजित की गई। जिसमेंकृषि विज्ञान केन्द्र से वैज्ञानिक गण, उप संचालक उद्यान, उप संचालक कृषि, लीड बैंक अधिकारी, प्रबंधक उद्योग विभाग, डी.डी.एम. नाबार्ड, जिला परियोजना अधिकारी (एन.आर.एल.एम.), एफ.पी.ओ. सहित संतरा उत्पादक कृषक एवं व्यापारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले के संतरा उत्पादक कृषकों को संतरा फल निर्यात में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तृत रुप से चर्चा कर जानकारी दी। इस दौरान बताया कि जिले में संतरा फसल की सेल्फलाईफ बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 02 सी.एफ.सी. सेंटर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। जिससे कृषकों,  एफ.पी.ओ. की संतरा फसल की ग्रेडिंग-सोर्टिंग, वैकिंसंग एवं पैकेजिंग करके निर्यात योग्य बनाया जाएगा। साथ ही जिले में कोल्ड स्टोरेज निर्माण का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जावेगा। आत्मनिर्भर भारत योजनान्तर्गत जिले में ओ.डी.ओ.पी. में चयनित संतरा फसल हेतु नए उद्योगों की स्थापना, ब्रॉडिंग-मार्केटिंग में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए विस्तृत रुप से जानकारी दी गई।
साथ ही जिले के ट्रांसपोर्ट कनेक्टीवीटी का रुट चार्ट के बारे में एक्सपोर्ट सेल प्रभारी डॉ. अंकिता पाण्डेय को जानकारी प्रदाय की गई। जिले के संतरा फसल को जीआई टेग प्रदान करने के लिए शीघ्र ही कार्यवाही की जा रही है। जिससे जिले की संतरा फसल को पूरे विष्व में अपनी पहचान मिल सकेगी। कृषकों द्वारा संतरा फल का परिवहन करने के लिए किसान द्वारा रेलगाड़ी की मांग की गई है। कृषकों की समस्याओं को दूर करने के लिए शीघ्र ही रेलवे मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिले के कृषकों को संतरा निर्यात लायसेंस प्राप्त करने के लिए आवष्यक दस्तावेज की सम्पूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही संतरा फल उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याओं का निराकरण किया गया। उक्त मीटिंग में 55 संतरा उत्पादक कृषक तथा 15 संतरा व्यापारी मौजूद रहे।