किसान आंदोलन का बातचीत ही से ही होगा समाधान,हठधर्मिता छोड़े किसान- सुखविंद्र सिंह मांढी
किसान आंदोलन का बातचीत ही से ही होगा समाधान,
हठधर्मिता छोड़े किसान- सुखविंद्र सिंह मांढी



चरखी दादरी जिले के गांव कादमा मे 23 अगस्त 1995 में बिजली की समस्या को लेकर किसान इकट्ठा हुए थे और उस समय किसानों पर गोलियां चलाई गई थी जिसमें 5 किसानों की मौत हो गई थी और कई किसान घायल हुए थे उसी की याद में हर वर्ष  कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। सोमवार को 26 वी बरसी मनाई गई जिसमें भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों की प्रतिमाओं को फूल मालाएं पहना उन्हें याद किया इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ है वही पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाना मेरा दायित्व है और किसानों की मांगों को सरकार के सामने उठाना हमारे संगठन का काम है किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन का बातचीत ही समाधान है किसान आगे आए और बातचीत करें बातचीत के लिए सरकार के द्वार खुले हैं उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन एक राजनीतिक एजेंडा बन गया है जिसके तहत मिशन बंगाल मिशन यूपी बोलकर किसानों को बरगलाया जा रहा है।


उमेश सतसाहेब की रिपोर्ट चरखी दादरी हरियाणा