राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग चेयरमैन पर किए गए हमले की कड़े शब्दों में की गई निंदा
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग चेयरमैन पर किए गए हमले की कड़े शब्दों में की गई निंदा


चरखी दादरी- तीन कृषि बिल का विरोध करते हुए सीधे तौर पर किसी जनप्रतिनिधि पर हमला करना या हाथापाई करना भारतीय संविधान का खुला उल्लघंन है, इसे कोई भी संविधान में आस्था रखने वाले वाला नागरिक बर्दाश्त नहीं करेगा। यह बात स्थानीय बीजेपी अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेश काकराण ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग चेयरमैन विजय सांपला के साथ कृषि बिल के विरोध की आड़ में जिस प्रकार से कुछ असामजिक तत्वों ने हाथापाई की हमला किया उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग चेयरमैन विजय सांपला जी लोगों की समस्याएं सुनने सिरसा जिले के गांव दादू में जा रहे थे। इस दौरान कृषि बिल का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों ने उनका रास्ता रोक लिया और उनके साथ हाथापाई की। राजेश काकराण ने कहा कि विजय सांपला जी एक संवैधानिक पद पर है और उनके काम में बाधा पहुंचना राष्ट्रद्रोह करने जैसा है। उनका रास्ता रोकना दलित समाज का अपमान है जोकि दलित उत्पीडन की श्रेणी में आता है। भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में इस तरह की घटनाएं संविधान को शर्मशार करती है। विरोध करना व अपनी बात रखने का हक हमारा संविधान सभी को देता है, लेकिन यह पूरी जिम्मेदारी व शांति से किया जाना वाला कार्य है। विजय सांपला के साथ हाथापाई करने वालों को अपने कृत्य पर सोचना चाहिए। इस दौरान उनके साथ जिला महामंत्री धर्मबीर, दादरी मंडल अध्यक्ष बलराम महच, कृष्ण सरपंच, सुभाष धानिया, पवन कुमार, ओमप्रकाश कामरेड आदि मौजूद थे।


उमेश सतसाहेब की रिपोर्ट चरखी दादरी हरियाणा