रामानुजगंज कि सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे,, खस्ताहाल सड़कें अपनी दुर्दशा पर बहा रही आंसू,, अधिकारी मौन, नगर पंचायत सुस्त।
रामानुजगंज कि सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे,, खस्ताहाल सड़कें अपनी दुर्दशा पर बहा रही आंसू,, अधिकारी मौन, नगर पंचायत सुस्त।

*संदीप कुशवाहा की रिपोर्ट*

रामानुजगंज प्राकृतिक रूप से समृद्ध सीमावर्ती क्षेत्र है शहर का पुराना ऐतिहासिक महत्व है लेकिन यहां के जर्जर सड़कें शहर कि खुबसूरती में ग्रहण लगा रहे हैं।

 कुछ सड़कों को छोड़ दिया जाए तो शायद ही ऐसी कोई सड़क हो जहाँ पर बड़े और गहरे-गहरे गड्ढे न हों और इस पर चलना मुश्किल न हो। गांव देहात तो छोड़ दीजिए, शहर की मुख्य सड़कों में भी कई जगहों पर बेतरतीब गड्ढे निर्मित हो गये है नगर पंचायत के अंदर आने वाली सड़कें इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रही है। कई बार नागरिकों ने जिम्मेदार विभाग और शहर के प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया लेकिन निराकरण नहीं किया गया। जिससे समस्या जस की तस बनी हुयी है और लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
 
मरम्मत के नाम पर होती है खानापूर्ति, आमजनता के पैसों का होता है बंदरबांट, शहर की खस्ता हाल सड़कें कर रही लोगों को घायल, बढ़ रहा हादसों का ग्राफ

किसी भी शहर की सुन्दरता का आंकलन वहाँ की सड़कों की हालत देखकर किया जा सकता है। सड़कें चकाचक होंगी तो शहर भी खूबसूरत माना जा सकता है और यदि सड़कों की हालत खस्ता है तो शहर किसी भी दृष्टिकोण से सुन्दर नहीं कहा जा सकता। रामानुजगंज के सड़कों कि बात करे तो पिछले एवं इस वर्ष में लाखों करोड़ों रुपयों की लागत से विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत शहर की सड़कों का निर्माण और मरम्मत कराया गया था, लेकिन करोड़ों खर्च करने के बाद भी शहरवासियों को अच्छी सड़कें नसीब नहीं हुई। कुछ ही महीनों के भीतर ही अधिकाँश क्षेत्रों की सड़कें खस्ताहाल हो गई, जिससे नागरिकों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को भी गड्ढेदार सड़कों के कारण मुश्किलें झेलनी पड़ रही है। अपवाद के तौर पर इक्का-दुक्का इलाकों को छोड़ दिया जाये तो लगभग शहर भर में सड़कों की एक जैसी स्थिति है। कई स्थानों पर पुरानी सड़क झाँकने लगी है। 

सर्वाधिक शासकीय कार्यालय एवं कॉलेज वाला जेल रोड लंबे समय से जर्जर स्थिति में है, सेठ पारा से लेकर पावरहाउस तक सड़क जर्जर है बड़े गहरे गड्ढे हैं शहर के मध्य में भी सड़कों पर गड्ढे हैं जगह-जगह गड्ढे उभर आने से लोग समझ नहीं पा रहे है कि सड़क में गड्ढे है या फिर गड्ढों में सड़क। ऐसे में इन मार्गो पर यातायात मुश्किल हो गया है कई स्थानों पर वाहनों के पलटने का खतरा बढ़ गया है।

CMO ने कहा, PWD के अधिकारियों से चर्चा करके कराएंगे मरम्मत।

हमने रामानुजगंज शहर के भीतर खस्ताहाल जर्जर सड़कों के हालात पर नगर पंचायत CMO को अवगत कराया और उनसे सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD)के अधिकारियों से चर्चा करके जल्द शहर के भीतर की सड़कों का मरम्मत कार्य कराया जाएगा।