मानसिक बीमारी के बारे में जागरूकता बेहद जरूरी डूडी, बाटाडू स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को आयोजित शिविर में 79 मरीज़ हुए लाभान्वित
*मानसिक बीमारी के बारे में जागरूकता बेहद जरूरी डूडी, बाटाडू स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को आयोजित शिविर में 79 मरीज़ हुए लाभान्वित l*

बाड़मेर से वागाराम बोस की रिपोर्ट 

बाड़मेर , 28 अगस्त l  बाटाडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को मानसिक रोगियों के लिए नि :शुल्क परामर्श एवं उपचार के लिए शिविर का आयोजन किया गया। 
 इस दौरान ज़िला नोडल अधिकारी डॉ ओ पी डूडी ने कहा कि आमतौर पर मानसिक बीमारी वाले व्यक्ति पेशेवर की मदद नहीं लेते हैं , क्योंकि वे इसके लक्षणों को मानसिक बीमारी के लक्षण के रूप में नहीं पहचान पाते हैं। उदाहरण के लिए, अवसाद से पीड़ित किसी व्यक्ति में प्रेरणा की कमी या बहुत ज्यादा नींद लेने को आलसीपन समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकारों से संबंधित अलग-अलग लक्षणों की जानकारी होने से हमें पता चल सकेगा कि हम खुद या हमारे आसपास के व्यक्ति के मानसिक रोग से पीड़ित होने की संभावना है। डूडी ने कहा कि थोड़ी जागरूकता हमें बेहतर तरीके से यह समझने में मदद करती है कि हम क्या कर रहे हैं और सटीक रूप से पता चलता है कि ऐसी स्थिति में हमें किस व्यक्ति से सहायता लेने की जरूरत है।इससे आगे और भी लोगों में जागरूकता फैलाने में मदद मिलेगी। इस तरह की बीमारियों में क्या होता है, इस बारे में अधिक जानने, और मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, इसकी जानकारी होने से, इन विकारों से पीड़ित लोगों के प्रति आम लोगों में सहानुभूति की भावना को जागरूक करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि समय पर और सही उपचार से मानसिक रोगी भी पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकते हैं यह बहुत बड़ी विडम्बना हैं कि आज भी दो तिहाई मानसिक रोगी स्वास्थ्य सेवाओं से महरूम हैं।ऐसे में आशा वर्कर का भी महत्वपूर्ण काम है कि वो आमजन में इन बीमारियों के बारे में जन जागरूकता फैलाए। इस दौरान वरिष्ठ मनोरोग़ चिकित्सक डा ओ पी डूडी ने 79 मरीज़ों को परामर्श एवं उपचार उपलब्ध करवाया। इसमें अधिकतर मरीज़ सिरदर्द, तनाव ,घबराहट,चिंता, उदासी ,बेचैनी के लक्षणो वाले थे।अफ़ीम डोडा व शराब की लत के भी मरीजो ने भी परामर्श लिया।
मौक़े पर ही क्षेत्र की आशा सहयोगिनो को प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में सी एच सी प्रभारी डा कुंभाराम,मेल नर्स खरताराम ,मगाराम  ने अपनी अपनी सेवाये दी। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी दिनों में ऐसे शिविर ज़िले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किये जाएँगे । जिनमें परामर्श व उपचार के साथ साथ विकलांगता प्रमाण पत्र भी सत्यापित किए जाएँगे।