प्रकृति की सुन्दर वादियों में स्थित है अद्धैत मायावती आश्रम
प्रकृति की सुन्दर वादियों में स्थित है अद्धैत मायावती आश्रम

रिपोर्ट केशर सिंह नेगी  इउत्तराखण्ड

     उत्त्राखण्ड के कुमाॅऊ मण्डल के चम्पावत जिले में समुद्र तल से 6400फिट की उचाई पर मायावती नामक स्थान पर यह अद्धैत आश्रम स्थित है जो कि रामकृष्ण मठ कोलकत्ता की एक प्रमुख शाखा है, यही से प्रबुद्ध भारत पत्रिका का प्रकाशन का कार्य भी शुरू हुआ था तथा यह आश्रम रामकृष्ण मिशन की अंग्रेजी व हिन्दी पुस्तकों का प्रकाशन स्थल भी है जिसका कार्यालय कोलकत्ता में है । यह स्थान इस लिए भी प्रसिद्ध है कि  यहाॅ पर 1909 में स्वामी विवेकानन्द जी द्वारा 15 दिनाॅे का प्रवास किया गया था यहाॅ पर दर्शनों व आध्यात्म की प्राप्ती हेतु देश विदेश से भारी संख्या में सैलानी पहुचते है  ।
     प्रकृति की सुन्दर छटा व बाॅज,बुराश, देववदार के घने जंगलों के बीच स्थित यह आ़श्रम जहाॅ एक ओर आत्मीक शान्ती का अनुभव कराता है वही आध्यात्म की पराकाष्ठा का प्रतिक भी है यह स्थान टनकपुर रेलवे स्टेशन से 88 किमी तथा काठगोदाम से 167 किमी दूरी पर स्थित चम्पावत जिले के लौहघाट से 9 किमी की दूरी पर स्थित है ।
  आश्रम के बारे में बताया जाता है कि स्वामी विवेकानन्द की प्रेरणा से उनके सन्यासी शिष्य स्वामी स्वरूपानन्द और अंग्रेज शिष्य कैप्टन जे एच संेवियर और उनकी पत्नी श्रीमती सी ई सेवियर ने 19 मार्च 1899 में इसकी स्थपना की थी । 1909 में कैप्टन जे एच सेवियर के देहान्त पर स्वामी विवेकानन्द श्रीमती सेवियर को सांत्वना देने के निमित से मायावती पहुचे तथा इस आश्रम में 3 से 18 जनवरी तक प्रवास किया उन्ही के इच्छानुसार मायावती में कोई मन्दिर या मूर्ती नही है यहाॅ पर सायंकाल की बेला पर मधुर वाणी से सामुहिक रूप से संगीत वाध्यों के साथ राम नाम संर्कीतन होता है ।
 1903 में यहाॅ एक धर्मार्थ हाॅस्पीटल की भी  स्थापना की गयी थी जिसमें गरिबों का निशुल्क इलाज किया जाता है वही यहाॅ पर एक छोटा पुस्तकालय भी है जिसमें आध्यात्म व दर्शन की पुस्तकों का संकलन है ।