गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु दर्शन हेतु भक्त हुए ब्यावर रवाना
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु दर्शन हेतु भक्त हुए ब्यावर रवाना
मसनगांव- प्रभु महावीर के अहिंसा,सत्य,अचोर्य, ब्रह्मचर्य,अपरिग्रह के सिद्धांतों को जन जन तक पहुँचाने वाले व्यसनमुक्ति प्रणेता,आगम ज्ञाता भाग्य विधाता, गुड़ रहस्यों के ज्ञाता परम् पूज्य आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलालजी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनिजी म सा एवं संत सतियाजी म सा के दर्शन सानिध्य के जो कि राजस्थान के व्यावर शहर में में विराज रहे हैं। बैदिक संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का बिशेष महत्व माना जाता हैं।इसी तारतम्यता में आज खिरकिया श्वेतांबर जैन संघ के कोषाध्यक्ष,अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी कार्यसमिति सदस्य निर्मल विनायक एवं गौतम चतर सिवनी तथा अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन समता युवा संघ के मध्यप्रदेश अंचल के व्यसनमुक्ति संयोजक पूर्व राष्ट्रीय मंत्री एवं कार्यालय मंत्री अशीष समदड़िया तथा श्रीमती प्रफुल्ला विनायक,श्रीमती सीमा चतर,समता संस्कार कालधड़ पाठशाला शिक्षिका श्रीमती रत्ना समदड़िया, ऋषिका समदड़िया,अमम समदड़िया, रुषित चतर आदि ने इस पावन प्रसंग पर शाम 5 बजे पहुँचकर तप,त्याग,भक्ति,स्वाध्याय ,तेला,नवकारसी, पौषध,संवर के साथ मनाकर दिवस को सार्थकता प्रदान करेंगे।
मसनगांव से अनिल दीपावरे की रिपोर्ट