कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए समसामयिक सलाह जारी
कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए समसामयिक सलाह जारी

होशंगाबाद कृषि अनुसंधान केन्द्र पवारखेड़ा के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए समसामयिक सलाह जारी की गई है। उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने किसानों से आग्रह किया है कि वे जारी सलाह अनुसार कृषि कार्य करें। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया है कि गन्ना, धान की फसल वर्तमान में वानस्पतिक अवस्था में है। जिन स्थानों पर गन्ने की फसल घुटने की ऊँचाई तक आ गई है वहां किसान भाई फसल में निराई-गुड़ाई कर मिट्टी चढ़ाने का कार्य करें, साथ ही साथ जिन स्थानों पर पिछले माह गन्ने की बुवाई की गई है उन स्थानों पर अंधी गुड़ाई करने की सलाह दी गई है तथा गन्ने के नीचे की सूखी हुई पत्तियों को निकाल कर गन्ने की बंधाई करने के लिए कहा गया है। इसी तरह से धान की नर्सरी से खरपतवार अलग करने, सोयाबीन एवं संकर मक्का की बोवनी से पूर्व उचित बीजोपचार करने की किसानों को सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जी उत्पादक किसानों को बताया है कि भिण्डी में पीत शिरा मोजेक कीट व्याधि की संभावना है। भिण्डी की फसल में यदि पत्तियों की शिराओं का रंग पीला पड़ रहा है तो ये पीत शिरा मोजेक रोक के लक्षण हो सकते है अतः ऐसे पौधों को उखाड़कर जमीन में गाड़ दे तथा संक्रमण के प्रारंभिक चरण में रस चुसक कीटों को नियंत्रित करने के लिए इमेडाक्लोरप्रीड 5-7 मिलीलीटर प्रति पम्प का छिड़काव करें। बैंगन, टमाटर, मिर्च के पौध तैयार करे। अमरूद, आम, नीबू के वृक्षों में खाद व नत्रजन उर्वरक दें। किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि संबंधी समस्याओं के निदान के लिए नजदीकी कृषि अनुसंधान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों अथवा मैदानी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।