कारगिल हीरो शहीद भीखाराम को दी श्रद्धांजलि*
*कारगिल हीरो शहीद भीखाराम को दी श्रद्धांजलि*

*थार के वीर टीम पहुंची कारगिल हीरो शहीद भीखाराम के पैतृक गांव*
*शहीद की वीरांगना का शॉल, पुष्पगुच्छ देकर किया सम्मान*



बाड़मेर से वागाराम बोस की रिपोर्ट 


*बाड़मेर ।*  कारगिल का युद्ध भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। इस युद्ध में हमारे देश के सैकड़ों वीरों ने देश के लिए बलिदान दिया। इन्हीं बलिदानों से हमने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक युद्ध में बाड़मेर जिले के वीर सपूत भीखाराम मूंढ ने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की परवाह न करते हुुए दुश्मन के दांत खट्टे किए थे।
थार के वीर टीम कारगिल युद्ध के हीरो शहीद भीखाराम के पैतृक गांव पतासर स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचे। शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल हीरो को याद किया। शहीद की वीरांगना भंवरीदेवी को शॉल, पुष्पगुच्छ और मिठाई भेंट करके सम्मान किया गया। इसके बाद पूर्व प्रधान श्रीराम गोदरा, प्रधानाचार्य भंवरलाल चौधरी और पीटीआई बिशन सिंह राठौड़ की उपस्थिति में पौधारोपण भी किया गया।
किसान केसरी स्कूल प्रबंधक प्रेमाराम भादू के मुताबिक कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के हीरो भीखाराम के बलिदान को सदा याद किया जाएगा। टीम थार के वीर के संयोजक रघुवीर सिंह तामलोर ने कहा कि कारगिल के ऐतिहासिक युद्ध मे बाड़मेर की वीरता और शौर्य को हमेशा याद किया जाएगा । इस ऐतिहासिक युद्ध मे कैप्टन सौरभ कालिया के साथ जहां शहीद भीखाराम ने शहादत दी वही शूरवीर उगम सिंह रानीगांव और खेमाराम आर्य ने भी शूरवीरता की मिसाल कायम की।
*पति की शहादत पर गर्व* 
शहीद भीखाराम की वीरांगना भंवरीदेवी के मुताबिक मेरे पति के ऐतिहासिक कारगिल युद्ध मे देश के लिए सर्वोच बलिदान पर गर्व महसूस करती हूं। टीम थार के वीर द्वारा समय-समय पर संबल प्रदान किया जाता है जिससे और मजबूती मिलती है। कारगिल विजय दिवस पर मेरे पति की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए टीम थार के वीर का साधुवाद ज्ञापित करती हूं।
गौरतलब है कि शहीद भीखाराम पाकिस्तान वह भारतीय सेना के बीच हुए कारगिल युद्ध में वह सीमा पर तैनात था इस दौरान पाक घुसपैठियों ने छद्म रूप से उसे धर दबोचा लेकिन भीखाराम ने वीरता से लड़ाई लड़ी और घुसपैठियों को मार गिराया इस जंग में उसे अपने प्राण गंवाने पड़े 14 मई 1999 को क्षत-विक्षत हालत में पाकिस्तान सेना ने शहीद का शव भारतीय सेना को सुपुर्द किया था