पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों से आमजन त्रस्त :- वरुण चौधरी।

पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों से आमजन त्रस्त :- वरुण चौधरी।
बराड़ा(जयबीर राणा थंबड़)
भाजपा की केंद्र सरकार लगातार पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही है।पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में यह ऐतिहासिक और निरंतर वृद्धि ऐसे समय में हो रही है जब देश के नागरिक कोविड-19 की दूसरी लहर की मार से जूझ रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों से हमारे देश की तय तेल कीमतों से कोई संबंध नही होता है,कच्चे तेल की कीमतें कम हुई होती है उसके बाद भी सरकार तेल की कीमतों में वृद्धि कर रही होती है यह बात मुलाना विधानसभा से विधायक वरूण चौधरी ने कही।उन्होंने कहा, ‘‘पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आमजन त्रस्त है।यह भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है।केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पूरे देश में मंहगाई हो गई है,तथा पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है।जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल संप्रग सरकार के समय से आधी हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।’’देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार हो गई है,और आज प्रदेश में पेट्रोल 92.82 व डीज़ल 86.56 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है।पिछले 13 महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 25.72 रूपए और 23.93 रूपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इस साल पांच महीनों में कुल 43 बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुईं है। यह भाजपा सरकार द्वारा की गई सार्वजनिक लूट का एक उदाहरण है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, पिछले साल जब कोरोना की पहली लहर आई थी और लोग आर्थिक रूप से काफी कमजोर हुए थे, तब भी मौजूदा भाजपा सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की और आम जनता की कमर तोड़ने का काम किया था।विधायक ने सरकार से पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में की गई बेतहाशा वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की ताकि इस समय देश की जनता को बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके और जनता को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।