विश्व में पृथ्वी ही एकमात्र गृह है, जिस पर जीवन के लिए उपयुक्त प्राकृतिक संसाधन
सीहोर। विश्व में पृथ्वी ही एकमात्र गृह है, जिस पर जीवन के लिए उपयुक्त प्राकृतिक संसाधन msuj| यही कारण है कि पृथ्वी मानवजाति, विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ, पशु-पक्षी और विविध प्रकार के सजीवों का भरण – पोषण करने में सक्षम है | हम भी ऐसे सजीव प्राणी हैं, जो पृथ्वी के परोपकार पर जीवित हैं | आज विश्व पर्यावरण दिवस है। सीहोर में अनेक युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण कार्यों को गत कई वर्षों से रुचि में रखा है और महत्तवपूर्ण योगदान दिया है। 

1. देवेन्द्र कुमार राय ने तैयार किए अनेक युवा लीडर 
लगभग एक दशक से राष्ट्रीय सेवा योजना और उत्कृष्ट विद्यालय सीहोर में लगातार सेवाएं देने वाले अध्यापक एवं कार्यक्रम अधिकारी के रूप में देवेन्द्र राय ने जैव विविधता, वन्य प्राणी संरक्षण, जैविक खेती और जलवायु परिवर्तन जैसे अनेक मुद्दों पर युवाओं को प्रशिक्षित किया और शिविरों के माध्यम से विभिन्न गावों में जागरूकता गतिविधियां संचालित की। मध्यप्रदेश शासन द्बारा रासेयो राज्य पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। 

2. निक्की राठौर चला रही वायुदूत इंटर्नशिप - नेहरू युवा केंद्र, सीहोर जिला युवा अधिकारी
कोरोना महामारी के चलते विश्व पर्यावरण दिवस 2021 को सार्वजनिक रूप से नहीं मनाया जा सकता इसीलिए इसके विकल्प के रूप में युवाओं को जागरूक करने और पौधारोपण के लिए उत्साहित करने का कार्य ऑनलाइन इंटर्नशिप के माध्यम से कर रही हैं। साथ ही अनेक सामाजिक जन - जागरुकता गतिविघियों में भी सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रही है। 

3. उमेश पंसारी बने यूरोपीय क्लाइमेट पैक्ट एम्बेसडर 
वर्ष 2015 से लगातार इको क्लब, एन.एस.एस., नेहरू युवा केंद्र, संयुक्त राष्ट्र स्वयंसेवक भारत, जिला प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं के साथ समाजसेवा में संलग्न उमेश पंसारी न केवल अनेक पौधे लगाते हैं, बल्कि सैंकड़ों युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक कर रहे हैं। साथ ही जल मंत्रालय द्वारा निबंध में राष्ट्रीय पुरस्कार, कॉमनवेल्थ लेखन स्वर्ण पुरस्कार और बीट एयर पॉल्यूशन के अन्तर्गत वर्ल्ड इनवायरमेंट डे हीरो 2019 पुरस्कार भी मिल चुका है।