ब्लेक फंगस की रोकथाम को ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर के बारे में जागरूकता जरूरी,निर्धारित गुणवत्ता मापदण्ड और उपयोग के निर्देशों की पालना शत फीसदी सुनिश्चित हो*
*ब्लेक फंगस की रोकथाम को ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर के बारे में जागरूकता जरूरी,निर्धारित गुणवत्ता मापदण्ड और उपयोग के निर्देशों की पालना शत फीसदी सुनिश्चित हो* 
बाड़मेर से वागाराम बोस की रिपोर्ट 

बाड़मेर, 20 मई। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला कलेक्टर लोक बंधु ने जिले में  ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर के उपयोग करते समय निर्धारित मापदण्डों व निर्देशों की शत फीसदी पालना सुनिश्चित करने को कहा हैं।
    जिला कलेक्टर लोक बंधु ने बताया कि बिना पूर्ण जानकारी के ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर के उपयोग और उसके दुष्प्रभाव से ब्लैक फंगस के मामलों में वृद्धि हो रही हैं। इसको देखते हुए चिकित्सा प्रबंधन इनकी पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर के उपयोग की आवश्यक जानकारी लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता जताई है।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर का सावधानी व आवश्यक दिशा-निर्देशों की पालना करने से ही रोगी को पूरा लाभ और संभावित संक्रमण से बचाया जा सकता है।
  उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ई-उपकरण पोर्टल के माध्यम से ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर की खरीद की जा रही है और उनमें निर्धारित मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दानदाताओं द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटरों व घरेलू उपयोग के लिए खरीदे जा रहे ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटरों की खरीद व उपयोग के समय भी निर्धारित मानकों और उसके उपयोग के लिए जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जानी आवश्यक है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केन्द्र सरकार ने भी इसके लिए गाईड लाइन जारी की है।
उन्होंने बताया किऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर एक विद्युत चालित चिकित्सा उपकरण है जिसके द्वारा आसपास की हवा से ऑक्सीजन बनाया जाता है। इस उपकरण के माध्यम से रोगी को बिस्तर पर ही केनुला के माध्यम से आक्सीजन उपलब्ध कराया जाता है। ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर द्वारा 5 लीटर प्रति मिनट का फ्लो होना आवश्यक है और इसमें 90 प्रतिशत से अधिक की शुद्धता व निरंतरता के साथ आक्सीजन का प्रवाह होना चाहिए। इस तरीके से आमतौर पर 21 प्रतिशत आक्सीजन होता है। 
 जिला कलेक्टर ने बताया कि ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर में फिल्टर बोटल में डिस्टिल वाटर का ही उपयोग किया जाए। इसके साथ ही उपयोग के दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए ताकि संभावित संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर नहीं होने और ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर के उपयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार उपयोग नहीं करने से ब्लेक फंगस जैसे संभावित संक्रमण होने की संभावना अधिक हो जाती है और इससे रोगी को लाभ होने के स्थान पर गंभीर संक्रमण की स्थिति होने के हालात भी कई बार बन जाते हैं।  उन्होंने बताया कि कोरोना  संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए लोगों द्वारा घरेलू उपयोग के लिए भी ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटरों की खरीद की जा रही है।
  जिला कलेक्टर ने बताया कि ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर खरीदते समय उसके साथ उपयोग मेन्यूअल, मेंटिनेंस मेन्यूअल, डिस्पले बोर्ड, फिल्टर बोटल, डिस्टिल बोटल आदि आवश्यक सभी उपकरण व जानकारी से संबंधित सामग्री होना जरुरी है। उन्होने सभी चिकित्सा संस्थानों व घरेलू उपयोग में आवश्यक निर्देशों की सख्ती से पालना पर जोर दिया।