बिना तैयारी और होमवर्क किए बिना ही सरकार ने दिया ऑड इवन का फार्मूला
*बिना तैयारी और होमवर्क किए बिना  ही सरकार ने  दिया ऑड इवन का फार्मूला*
*सरकार को व्यापारियों को देना चाहिए स्पेशल राहत पैकेज*
अम्बाला:(जयबीर राणा थंबड़)
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग  ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि करोना के इस क्रूर काल में जिस तरह देशवासियों पर एक विपदा आई है देश में निरंतर लाखों मृत्यु हुई है और लोग बीमार हैं और अस्पतालों में जगह नहीं है इसी के मद्देनजर व्यापार संगठन करोना के इस दूसरी कातिल लहर में व्यापार संगठन ने प्रदेश में लॉकडाउन की मांग की थी और परिस्थितियों को देखकर सरकार ने लॉकडाउन लगाया भी और उस लॉकडाउन के तहत नतीजा यह रहा की करोना के केसो में बड़ी भारी गिरावट आई है और परिस्थितियों को देखते हुए थोड़ा सा सहज महसूस कर रहे हैं व्यापारी वर्ग नहीं चाहता कि उनका व्यापार बंद हो परंतु लोगों की जान जाते देखकर इस फैसले से सरकार को अवगत कराया परंतु व्यापार संगठन ने यह भी मांग उठाई की सरकार   जैसे जैसे हालात सामान्य होते हैं लॉकडाउन को कदम दर कदम व्यापार को एक सिस्टम के तहत खोलना चाहिए ताकि लोग अपनी जीविका भी कमा सके क्योंकि व्यापारी वर्ग के साथ हजारों लाखों दिहाड़ीदार मजदूर ,एवं कर्मचारी उनके व्यापार के साथ जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका का साधन बंद पड़ा है !!
सरकार ने आज ताजा आदेशों के अनुसार लॉक डाउन की अवधि आगामी 1 सप्ताह को बढ़ाते हुए व्यापार संगठन की मांग को देखते हुए कदम दर कदम नीति के तहत कुछ शर्तों के साथ अकेला दुकान खोलने की अनुमति दे दी है और उसमें ऑड और इवन फार्मूला के तहत शर्तों के साथ खोलने का प्रावधान किया है और समय सीमा निश्चित की है *परंतु सरकार पिछली बार की तरह बिना होमवर्क के ही आदेश दे देती है कल बाजार और दुकानें खोलने का आदेश दिया है* और अभी तक  ऑड और इवन नंबर अभी तक नहीं लगे हैं इस तरह व्यापारी वर्ग में भ्रांतियों का माहौल चल रहा है इसलिए सरकार को पूरी तैयारी के साथ यह आदेश जारी करने चाहिए थे और व्यापार संगठन ने निम्नलिखित मांगों के साथ लॉकडाउन खोलने का गुहार लगाया था कि व्यापारी वर्ग लॉकडाउन में बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है और उसकी अर्थव्यवस्था सारी चरमरा गई है इसलिए सरकार से हमारी यह मांगे हैं व्यापारी हित में
**लॉक डाउन खोलने से पहले सरकार व्यापारियों के लिए एक स्पेशल राहत पैकेज दे जो कि पिछली बार की तरह ना हो जो 20 लॉख करोड रुपए की घोषणा की गई थी परंतु यथार्थ में व्यापारी के हाथ में कुछ भी नहीं आया था* 
इसलिए हम यह मांग करते हैं की इस बार जो राहत पैकेज की घोषणा की जाए उसको अमलीजामा भी पहनाया जाए उससे राहत घोषणा के तहत
**सरकार जिन व्यापारियों की बैंक में लिमिट बनी हुई है या कारोबार पर कर्ज ले रखा है उस ब्याज को माफ किया जाए*
*लोक डाउन के अवधि के व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बिजली के बिलों की माफी का प्रावधान किया जाए*
**करोना कॉल में जिन की भी मृत्यु हुई है सरकार उनको मुआवजा दें और जिन बच्चों के मां बाप दोनों की ही मृत्यु हो गई है उनकी पेंशन का प्रावधान किया जाए और उनकी पढ़ाई की व्यवस्था भी सरकार की तरफ से करवाई जाए*
*व्यापारियों के प्रॉपर्टी टैक्स को भी माफ किया जाए*
मझंले और खुदरा व्यापारियों को ब्याज रहित कर्ज या कम से कम ब्याज पर कर्ज़ देने की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि वह अपने व्यापार को दोबारा से सुचारू रूप से कर सके