सीमावर्ती गांवों के 200 पाक विस्थापित परिवारों को राहत सामग्री वितरित
*सीमावर्ती गांवों के 200 पाक विस्थापित परिवारों को राहत सामग्री वितरित*

बाड़मेर से वागाराम बोस की रिपोर्ट 

बाड़मेर। कोरोनाकाल में आहत को राहत पहुंचाने के उद्ेश्य से श्योर संस्था द्वारा शुक्रवार को सीमावर्ती क्षेत्र के 200 पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री वितरित की गयी। श्योर संस्था की संयुक्त सचिव लता कच्छवाह ने बताया कि संस्था द्वारा प्रभावित परिवारों को करीब दो माह की राशन सामग्री वितरित की गयी है। इससे पहले गुरूवार को बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन और जिला कलेक्टर लोकबंधु यादव ने बाड़मेर जिला मुख्यालय पर राहत सामग्री के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
कच्छवाह ने बताया कि शुक्रवार को भुणिया, बीजराड़, देदुसर, बावड़ी, नवातला, आरबी की गफन, मीठड़ाऊ, कलवों का तला, सरूपे का तला, बीढाणी सहित दस गांवों में राहत सामग्री का वितरण किया गया। उन्होनें बताया कि महामारी के कारण बीते लम्बे समय से इन परिवारों के पास कोई काम-काज नहीं था और बेरोजगारी की वजह से ऐसे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। कच्छवाह ने बताया इन परिवारों की पीड़ा को समझते हुए श्योर के साथ ही मिलाप संगठन के सहयोग से 200 परिवारों को राशन सामग्री के किट उपलब्ध करवाएं गए।
गौरतलब है कि भारत-पाक विभाजन के बाद बड़ी संख्या में दलित समुदाय के लोग पाकिस्तान छोड़कर भारत आ बसे। जिले के सीमावर्ती इलाकों में बसे इन पाक विस्थापित दलित परिवारों की महिलाएं हस्तशिल्प की दक्ष कलाकार है और इनके हुनर की दूर विदेशों तक धमक है। सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका ही हस्तशिल्प पर ही निर्भर है। लाॅकडाउन के कारण बीते लंबे समय से इन महिला दस्ताकारों के परिवारों को कोई काम नहीं मिलने के कारण इनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था।

शुक्रवार को जब श्योर के वालेंटियर्स ने राहत सामग्री का किट हस्तशिल्प दस्तकार सुआदेवी (नाम परिवर्तित) के घर पहुंचाया, तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। श्योर वालेंटियर्स को दुआएं देते हुए सुआदेवी ने कहा कि काम-काज ना होने के कारण बीते कुछ दिनों से उसके परिवार के सामने खाने का संकट पैदा हो गया था। ऐसे में यह मदद लेकर साक्षात भगवान उनके घर आए है। सुआदेवी ने कहा कि श्योर संस्था ने आपदा के इस काल में उनका साथ नहीं छोड़ा, इसके लिए वे हमेशा ऋणी रहेगें।

सामाजिक कार्यकर्ता और श्योर कोषाध्यक्ष नरेन्द्र तनसुखानी ने बताया कि श्योर संस्था वर्षो से सीमावर्ती क्षेत्रों के इन दलित दस्तकार परिवारों के साथ काम कर रही है। उन्होनें बताया कि आपदा की इस घड़ी में इन परिवारों के रोजी-रोटी का संकट को देखते हुए ही संस्था ने इन राहत सामग्री उपलब्ध करवाने का बीड़ा उठाया है।
तनसुखानी ने बताया कि संस्था के वांलेटियर्स धीरज शर्मा, सुनिल राखेचा, बाबुसिंह, मोहन सोलंकी, हनीफ, एदीखां, उस्मान खां, अरविंद शर्मा, तगाराम, बाबुलाल सहित कार्यकर्ताओं की टीम सीमावर्ती गांवों के प्रभावित परिवारों के घर-घर जाकर राहत सामग्री के किट वितरित कर रही है।