आखिरकार ग्राम सेवा सहकारी समिति देरासर के व्यवस्थापक सहित चार के खिलाफ थाने में मामला हुआ दर्ज
*आखिरकार ग्राम सेवा सहकारी समिति देरासर के व्यवस्थापक सहित चार के खिलाफ थाने में मामला हुआ दर्ज ।*


सहकारी समिति में भ्रष्टाचार को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता भगवानसिंह लाबराऊ ने दिया था परिवाद ।

*बाङमेर -* राजस्थान में जहां सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार चरम पर है ऐसे में भला बाड़मेर कैसे पीछे रहे जी हां यह मामला है ग्राम सेवा सहकारी समिति देरासर का जहां विगत वर्षो में मृत आत्मा ने उपाध्यक्ष का दायित्व संभाला और समिति के व्यवस्थापक एवं अन्य पदाधिकरियों के साथ मिलकर जमकर घोटाला किया अब यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि जीवित पदाधिकारियों ने आत्मा का सहारा लिया आपको बता दे यह अदृश्य आत्मा जो ग्राम सेवा सहकारी समिति देरासर के उपाध्यक्ष की कुर्सी से चिपकी हुई थी उसको ढूंढ़ निकाला वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक एवं मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवान सिंह लाबराऊ ने उनकी पैनी नजर से ग्राम सेवा सहकारी समिति इस तरह के नायाब घोटाले का पर्दाफाश हुआ जिसकी प्राथमिकी रामसर थाने में दर्ज करवाना चाही तो पुलिस का थानाधिकारी भी बची खुची मलाई चाटने में मशगूल हो गया आखिरकार बाड़मेर के तत्कालीन एसपी को भेजे गए लीगल नोटिस के बाद गत 5 अप्रैल 2021 को बाङमेर ग्रामीण थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। अब देखना यह है कि बाड़मेर पुलिस इस आत्मा और आत्मा का साथ देने वाले भ्रष्ट लोगों पर किस तरह कार्यवाही अमल में लाती है जो कि इस प्रकरण में आठ माह से लीपापोती कर स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त है ।

*क्या है मामला?*
देरासर ग्राम सेवा सहकारी समिति के उपाध्यक्ष पद पर 17 दिसम्बर 2012 को एक व्यक्ति पद भार ग्रहण करता है जो व्यवस्थापकों के साथ मिलकर जमकर राजकोष को नुक़सान पहुंचाता है जबकि उसकी मृत्यु 24 अगस्त 2012 को ही हो चुकी थी ऐसे में भला उसने कैसे आमजन को सरकारी योजनाओ का लाभ पहुंचाया यह समझ से परे है इतना ही नहीं वह आत्मा 2018 तक इस पद पर काबीज रहते हुए सहकारी समिति की मीटिंगों में आती रही। इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आरटीआई कार्यकर्ता भगवानसिंह लाबराऊ ने रामसर थाने में लिखित सूचना देकर व्यवस्थापकों के खिलाफ भ्रष्टाचार गबन एवं सहकारी समिति में वितिय अनियमितताओ को लेकर दिनांक 21 अगस्त 2020 को प्राथमिकी दर्ज करवाना चाही मगर रामसर थानाधिकारी ने भी संभवतः भ्रष्टाचारियों से हाथ मिलाते हुए वह प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज ही नहीं की दिनांक 22 अगस्त 2020 को पुलिस अधीक्षक बाड़मेर के समक्ष उपस्थित होकर एफआईआर दर्ज करने हेतु परिवाद दिया तब पुलिस अधीक्षक ने एफआईआर करने के आदेश दिए थे लेकिन पुलिस थानाधिकारी ने अपने अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की थी पल्ला झाङते हुए यह कह दिया की यह मामला हमारे थाना क्षेत्र का नहीं है परिवाद को बाङमेर ग्रामीण थाने  भेज दिया आठ महीने तक बाङमेर ग्रामीण पुलिस ने भी परिवाद को ठंडे बस्ते में रख दिया इसलिए 26 मार्च 2021 को परिवादी ने पुलिस अधीक्षक बाड़मेर, पुलिस थानाधिकारी रामसर व पुलिस थानाधिकारी बाड़मेर ग्रामीण को लीगल नोटिस भेजकर हिदायत देते हुए 7 दिन में एफआईआर दर्ज कर परिवादी भगवानसिंह लाबराऊ को एफआईआर दर्ज कर सूचित करने को कहा था अन्यथा पुलिस के विरुध भारतीय दंड संहिता की धारा 166, 217 के तहत न्यायालय में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी आखिरकार 5 अप्रैल 2021को बाङमेर ग्रामीण थाने में देरासर ग्राम सेवा सहकारी समिति के तत्कालीन व्यवस्थापक पदमाराम व उसके पुत्र वर्तमान व्यवस्थापक ललितकुमार सहित 4 लोगों के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471 एवं 120B  के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई ।
*इनका कहना*
मेरे द्वारा आरटीआई से प्राप्त सभी प्रमाणित दस्तावेजों को देने के बाद भी पुलिस थानाधिकारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी पुलिस अधीक्षक महोदय को पुरा प्रकरण समझाने के बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये थे फिर भी थानाधिकारी ने अपने अधिकारियों के आदेश की अवहेलना की थी मैने पुलिस अधिकारियों को लिगल नोटिस भेजा तब एफआईआर दर्ज हुई हैं।
*भगवानसिंह लाबराऊ*
*आरटीआई एक्टिविस्ट*