सरकार लोगो का अवगमन सुगम करने के लिए दिन रात एक कर सड़को का जाल बिछा रही है,
कन्नोद

सरकार लोगो का अवगमन सुगम करने के लिए दिन रात एक कर सड़को का जाल बिछा रही है, लेकिन कुछ जगह जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते लोगो को आवागमन में फजीहत हो रही है। ऐसा ही मामला देवास जिले में कुसमानिया से काकड़कुई 22 किलोमीटर मार्ग का देखने को मिला जो 9 करोड़ 53 लाख 86 हजार से बनने वाली सड़क ठेकेदार की मनमानी के चलते अधूरी है, जहां से लोगो का निकलना मुश्किल हो रहा है। इस पर कुछ महीनों पहले टूटी फूटी सड़क पर धुला साफ कर डामर उड़ा दिया गया जिसमे न तो सड़क का लेवल ओर न ही गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया। जिम्मेदार अधिकारी भी ठेकेदार के आगे नतमस्तक है। उधर कुसमानिया में निर्माण एजेंसी के द्वारा सड़क का साइन बोर्ड लगाया गया है जिसमे सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने का दिनांक 25 सितम्बर 2020 है एवं कार्य पूर्णता दिनांक 24 सितम्बर 2025 है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि ठेकेदार द्वारा 5 साल में सड़क निर्माण का कार्य पूरा किया जाएगा, जिसके कारण पांच साल तक लोगो की आवागमन में फजीहत ही होना है, आपको बता दे कि कुसमानिया से आमला तक पुराना डामर मार्ग है जो पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, वही आमला से काकड़कुई तक कच्चा मार्ग है, जहाँ से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर  कुसमानिया से मुहाई छत्रवास तक डामर डाल दिया गया, फिर बीच मे छोड़कर नान्दोन में फिर डामर डाल दिया गया, साथ ही सड़क पर जगह जगह बड़े बड़े गड्ढे कर दिए गए जिनमे आये दिन पशुओं के पैर फंस रहे है जिससे पैर जख्मी हो रहे है।
 इधर ग्राम आमला के ग्रामीणों 
 का कहना है कि अगर इसी तरह काम चलेगा तो यह सड़क 5 वर्षो में भी पूरी नही हो पाएगी। ओर सड़क निर्माण एजेंसी ने साइन बोर्ड पर भी स्पष्ट लिख रखा है कि इस 22 किलोमीटर की सड़क को वह 5 वर्षो में पूरा करेगी।

कन्नोद से श्रीकांत पुरोहीत की रिपोर्ट
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