कैंडल मार्च निकालकर युवा विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन। 3 मार्च से करेंगे अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार।
कैंडल मार्च निकालकर युवा विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन। 3 मार्च से करेंगे अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार।

बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल

15 सूत्रीय मांगों को लेकर किए जा रहे धरना प्रदर्शन के पांचवे चरण में युवा विद्युत कर्मियों ने सारनी में सड़कों पर कैंडल मार्च निकालकर कंपनी प्रबंधन और सरकार की तानाशाही नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कैंडल मार्च का नेतृत्व एसोसिएशन के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम और पूर्व  क्षेत्रीय सचिव निशांत राठौर द्वारा किया गया। कैंडल मार्च में सैकड़ों की संख्या में युवा विद्युतकर्मी नजर आए। शायद जब से आंदोलन चल रहा है, तब से पहली बार इतनी ज्यादा संख्या में युवा विद्युत कर्मी प्रदर्शन व कैंडल मार्च में नजर आए। 23 फरवरी से एसोसिएशन द्वारा कार्य का बहिष्कार किया जाना था, लेकिन एसोसिएशन की मांगों को गंभीरता से लेकर कंपनी प्रबंधन द्वारा वार्ता के लिए पदाधिकारियों को आमंत्रित किया। जिसमें 3 मार्च तक समय मांगा। इस तिथि तक कंपनी द्वारा सार्थक निर्णय निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय कार्यकारिणी से चर्चा कर कंपनी प्रबंधन से हुई वार्ता के संबंध में अवगत कराया। जिस पर केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा निर्णय लिया गया है कि 3 मार्च तक कंपनी प्रबंधन को समय दिया जाना चाहिए। इसके बाद भी विद्युत कर्मियों की जायज मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो 3 मार्च से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने बाध्य रहेंगे। तब तक पावर इंजीनियर्स एंड एंप्लाइज एसोसिएशन द्वारा पूर्व की भांति धरना-प्रदर्शन प्रदर्शन जारी रहेगा। गौरतलब है कि 19 जनवरी से आंदोलनरत पावर इंजीनियर्स द्वारा  एक दिन पहले ही एक दिनी अनशन किया गया। इसके बाद कैंडल मार्च निकाला गया। वही कंपनी प्रबंधन द्वारा 15 में से 2 मांगे मान ली गई है, संबंधित पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। हालांकि पावर इंजीनियर्स का साफ कहना है कि जब तक हम युवा विद्युत कर्मियों की सभी जायज मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है हम आंदोलनरत रहेंगे। 7 चरणों में पावर इंजीनियर्स एंड एंप्लाइज एसोसिएशन द्वारा आंदोलन का आह्वान किया है। पहले चरण में मध्यप्रदेश प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी मुख्यालय जबलपुर शक्ति भवन के सामने प्रदर्शन कर ऊर्जा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की कार्रवाई की गई। दूसरे चरण के आंदोलन में सभी ताप और जल विद्युत गृहों से रैली निकालकर संकुल प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया। तीसरे चरण का आंदोलन 1 से 20 फरवरी तक चला। चौथे चरण में अनशन की कार्रवाई पावर इंजीनियर्स द्वारा प्रारंभ की गई। इसके बाद भी ऊर्जा विभाग और कंपनी द्वारा जायज मांगों के निराकरण को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। 22 फरवरी को सभी जल व ताप विद्युत गृहों से कैंडल मार्च निकाला गया। सारणी के गेट नंबर 7 से प्रारंभ किया गया कैंडल मार्च शॉपिंग सेंटर में स्थित बाबा साहब अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पंहुचा। यहां बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष मोमबत्ती प्रज्वलित करने के पश्चात सभी युवा विद्युत कर्मी हाथों में मोमबत्ती लेकर पुनः पावर प्लांट के गेट नंबर 7 पहुँचे। यहां कैंडल मार्च का समापन किया गया। कैंडल मार्च मे आशीष यादव , आशीष पांडे, दीपक मालवीय, विवेक कोसे, जितेंद्र कवडे, सचिन मरावी, दीपक सोनपुरे, रामलाल कलाम, रोहित विश्कर्मा, सुनील रजक, अमित बंजारे, हर्षल नखाते सैकड़ों की संख्या में युवा विद्युत कर्मी शामिल रहे।