12 सूत्रीय मांगों को लेकर माझी मछुआ नाविक श्रमिक संघ ने सौंपा ज्ञापन।

 12 सूत्रीय मांगों को लेकर माझी मछुआ नाविक श्रमिक संघ ने सौंपा ज्ञापन।



बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल


मध्य प्रदेश माझी मछुआ नाविक श्रमिक संघ ने डिप्टी कलेक्टर निशा बागरे को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले अपनी मुख्य 12 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें मछुआरों की मुख्य मांगे हैं कि पिछड़ा वर्ग सूची क्रमांक 12 में अंकित ढीमर, धीवर, कहार, मल्लाह, सिंगरहा, सोंधिया, केवट, कश्यप, निषाद, रैकवार, बर्मन, बाथम, बादशाह, नाविक इत्यादि को विलोपित कर अनुसूचित जनजाति सूची के क्रमांक 29 पर अंकित माझी के समक्ष जोड़ा जावे। मछुआ कल्याण बोर्ड का शीघ्र गठन किया जावे एवं मछुआ महासंघ के पदाधिकारियों को शामिल किया जावे और साथ ही जिला तथा संभागीय सलाहकार समितियां गठित की जावे। मछुआ नाविक को सामाजिक सुरक्षा जिसमें प्रसूति सहायता, शिक्षा सहायता, विवाह सहायता, मृत्यु सहायता, पेंशन सहायता, मछुआ आवास, सहायता इत्यादि हो। सरकारी तालाबों में मत्स्य पालन एवं सिंघाड़े पैदा करना कमलफूल, कमलगट्टा का उत्पादन करना केवल वंशानुगत मछुआ नाविक को ही सोसाइटी को दिया जावे जहां सोसायटी नहीं वहां मछुआ समूह को और जहां समूह नहीं है वह मछुआ समाज के व्यक्ति को दिया जावे। प्राइवेट तालाबों के मालिकों द्वारा किया जा रहा है भारी मछुआरों का आर्थिक शोषण से मुक्ति दिलाने सरकार प्राइवेट तालाबों को अपने अधीन कर सरकारी नीति के अनुसार वंशानुगत मछुआरों नाविकों को पट्टे पर दिया जावे। नाव घाट, नौका विहार आदि का काम वंसानुगत मछुआरों को ही दिया जावे। रेत खदान नदियों से निकासी का काम भी वंशानुगत मछुआ सोसाइटी या मछुआ समूह को ही दिया जावे। सस्ता ऋण, नाव जाल, महाजाल, धागा वाहन आदि के लिए सस्ते ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा सब्सिडी भी दी जावे। मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड में मछुआ संघ के प्रतिनिधियों मछुआ नाविकों को प्रतिनिधित्व शामिल किया जावे। गैर मछुआरा समिति का पंजीयन निरस्त किया जावे तथा उसमें वंशानुगत मछुआरों को भी शामिल किया जावे। प्रदेश की सब्जी बाजार के आसपास मछली बाजार में टीन सेट की व्यवस्था की जावे। शासन स्तर पर किसानों का कर्ज माफ तथा फसल की क्षतिपूर्ति की जाती है उसी मत्स्य कृषको को वंशानुगत मछुआरों के पट्टे पर दिए जलाशयो, तालाबों मत्स्य बीज संपदा तरबूज खरबूज ककड़ी सिंघाड़ा अन्य फसलों की क्षति पूर्ति की जावे। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष मोहन मोरे, किशन लाल सेन्द्रे, रामा पारीसे, लवकेश मोरसे, हीरालाल नानकर, माधो नानकार, मोहन नानकर, रिंकू नानकर, बबन माझी, बब्बू नानकार, राकेश मांझी, बबलू मोरे, विनेश केवट, दीपक मालवीय, राजीव मोरे, श्याम कुंडवाड़े, सुनील सुनारिया आदि समाज के लोग शामिल रहे।