मानवता की मिसाल पेश की सुनिल हरिराम ने। बैतूल/सारणी। कैलाश पाटिल सड़क हादसों को देखकर लोग जहां अपना मुंह मोड़ कर अपने-अपने रास्ते चले जाते हैं। वहीं कई ऐसे भी लोग हैं जो सड़क हादसे में घायल लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसा ही एक मामला गुरुवार की शाम को अज्ञात वाहन कि टक्कर से घायल सुखाढाना के रवि मर्सकोले को प्राथमिक उपचार हेतु अस्पताल ले जाकर समाजसेवी सुनिल सरियाम ने मानवता कि मिसाल पेश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम को रवि मर्सकोले अपने आवश्यक कार्य से पैदल जा रहे थे, इसी बीच सूखाढाना पांढरा के बीच में एक अज्ञात वाहन ने रवि को टक्कर मार दी जिससे कि वह मौके पर घायल होकर गिर पड़े और अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया। इसके बाद घायल रवि को देखने लोगों की भीड़ जमा हुई परंतु किसी ने मदद की पहल नहीं की। वही इसी बीच रास्ते से बैतूल जा रहे समाजसेवी सुनील सरियाम ने रोड पर भीड़ देखी तो उन्होंने तत्काल वाहन रोका तो उन्हें एक व्यक्ति घायल अवस्था मे जमीन पर पड़ा हुआ दिखाई दिया है। जिसे उन्होंने तत्काल लोगों से मदद हेतु कहने का कहकर पहले तो रोड के एक साइड उठाकर किया परंतु स्थिति गंभीर होने पर उसे तत्काल सभी की मदद से घोड़ाडोंगरी चिकित्सालय अपने वाहन से ले गये। जबकि श्री सरियाम ने बताया कि घोड़ाडोंगरी चिकित्सालय ले जाने के बाद रवि मर्सकोले का वहां पर चिकित्सकों ने उपचार किया, हालांकि रवि इस हादसे में रवि का एक हाथ फैक्चर तथा सर पर चोट लगी थी। श्री सरियाम ने सभी को संदेश देते हुए कहा कि वे जब भी किसी भी सड़क किनारे घायल व्यक्ति को देखें तो उनकी मदद हेतु आवश्यक रूप से आगे आए। उनकी एक मदद से किसी घायल की जान बच सकती है, क्योंकि अगर किसी घायल को सड़क हादसे के वक्त समय पर अस्पताल ना ले जाए जाए तो उसका ज्यादा खून गिरने से हालत गंभीर भी हो सकती है। या तो वे तत्काल एक्सीडेंट होने की खबर पास नजदीक स्थानीय पुलिस चौकी या थाना, डायल हंड्रेड या फिर एंबुलेंस को दे सकते हैं जिससे घायल की मदद होगी। वही श्री सरियाम ने कहा कि अक्सर सड़क हादसे में देखा जाता है कि लोग बीच सड़क पर ही घायल के आस-पास घेरा बनाकर खड़े हो जाते हैं। जबकि ऐसा ना करके घायल को उठाकर सड़क के किनारे करते हुए अपने वाहनों को भी सड़क किनारे रखना चाहिए ताकि अन्य कोई दूसरा हादसा ना हो पाए।

 मानवता की मिसाल पेश की सुनिल हरिराम ने।




बैतूल/सारणी। कैलाश पाटिल 


सड़क हादसों को देखकर लोग जहां अपना मुंह मोड़ कर अपने-अपने रास्ते चले जाते हैं। वहीं कई ऐसे भी लोग हैं जो सड़क हादसे में घायल लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसा ही एक मामला गुरुवार की शाम को अज्ञात वाहन कि टक्कर से घायल सुखाढाना के रवि मर्सकोले को  प्राथमिक उपचार हेतु  अस्पताल ले जाकर समाजसेवी सुनिल सरियाम ने मानवता कि मिसाल पेश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम को रवि मर्सकोले अपने आवश्यक कार्य से पैदल जा रहे थे, इसी बीच सूखाढाना पांढरा के बीच में एक अज्ञात वाहन ने रवि को टक्कर मार दी जिससे कि वह मौके पर घायल होकर गिर पड़े और अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया। इसके बाद घायल रवि को देखने लोगों की भीड़ जमा हुई परंतु किसी ने मदद की पहल नहीं की। वही इसी बीच रास्ते से बैतूल जा रहे समाजसेवी सुनील सरियाम ने रोड पर भीड़ देखी तो उन्होंने तत्काल वाहन रोका तो उन्हें एक व्यक्ति घायल अवस्था मे जमीन पर पड़ा हुआ दिखाई दिया है। जिसे उन्होंने तत्काल लोगों से मदद हेतु कहने का कहकर पहले तो रोड के एक साइड उठाकर किया परंतु स्थिति गंभीर होने पर उसे तत्काल सभी की मदद से घोड़ाडोंगरी चिकित्सालय अपने वाहन से ले गये। जबकि श्री सरियाम ने बताया कि घोड़ाडोंगरी चिकित्सालय ले जाने के बाद रवि मर्सकोले का वहां पर चिकित्सकों ने उपचार किया, हालांकि रवि इस हादसे में रवि का एक हाथ फैक्चर तथा सर पर चोट लगी थी। श्री सरियाम ने सभी को संदेश देते हुए कहा कि वे जब भी किसी भी सड़क किनारे घायल व्यक्ति को देखें तो उनकी मदद हेतु आवश्यक रूप से आगे आए। उनकी एक मदद से किसी घायल की जान बच सकती है, क्योंकि अगर किसी घायल को सड़क हादसे के वक्त समय पर अस्पताल ना ले जाए जाए तो उसका ज्यादा खून गिरने से हालत गंभीर भी हो सकती है। या तो वे तत्काल एक्सीडेंट होने की खबर पास नजदीक स्थानीय पुलिस चौकी या थाना, डायल हंड्रेड या फिर एंबुलेंस को दे सकते हैं जिससे घायल की मदद होगी। वही श्री सरियाम ने कहा कि अक्सर सड़क हादसे में देखा जाता है कि लोग बीच सड़क पर ही घायल के आस-पास घेरा बनाकर खड़े हो जाते हैं। जबकि ऐसा ना करके घायल को उठाकर सड़क के किनारे करते हुए अपने वाहनों को भी सड़क किनारे रखना चाहिए ताकि अन्य कोई दूसरा हादसा ना हो पाए।