कलेक्टर ने सखी वन स्टॉप सेन्टर के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली
- कलेक्टर ने सखी वन स्टॉप सेन्टर  के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली

*नवनीत पांडेय*
*जिला ब्यूरो*
*बलरामपुर-रामानुजगंज*

 हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सहायता और उनकी काउंसलिंग के लिए जिले में उनकी काउंसलिंग के लिए जिले में सखी वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिला को विविध सहायता के साथ ही अल्पकालीन आश्रय की व्यवस्था की जाती है।

कलेक्टर श्याम धावडे के अध्यक्षता में सखी वन स्टॉप सेंटर के विभिन्न गतिविधियां तथा दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई है।

उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर के केंद्र प्रशासक से किसी घटना की सूचना प्राप्त होने पर उनके द्वारा की जाने वाली कार्यवाही तथा महिलाओं को प्रदान की जाने वाली सुरक्षा की सूक्ष्म जानकारी ली। केंद्र प्रशासक मंजू जायसवाल ने कलेक्टर को सखी वन सेंटर की कार्यप्रणाली, प्राप्त प्रकरण तथा उनका निराकरण के संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला में 10 मार्च 2017 से सखी वन स्टॉफ सेंटर कार्यरत है, जो 24 घंटे 7 दिन खुला रहता है। सेंटर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता की जाती हैं तथा काउंसलिंग की सहायता से परिवार को जोड़ने का कार्य किया जाता है।
मार्च 2017 से लेकर 30 नवंबर 2020 की स्थिति में कुल 562 केस सखी वन स्टॉप सेंटर में आये हैं जिनमें से 523 का निराकरण किया गया है तथा 152 लोगों को अल्पकालीन आश्रय की सुविधा प्रदान किया गया है। महिलाएं 181 हेल्पलाइन नंबर मैं कॉल कर सखी वन स्टॉप सेंटर में सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

महिलाओं को निशुल्क 5 दिन का अल्पकालीन आश्रय तथा खाने-पीने एवं स्वास्थ्य की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। मंजू ने आगे बताया कि परिवार विच्छेद ना हो इसलिए काउंसलर के माध्यम से काउंसलिंग की व्यवस्था कर परिवार को जोड़ने का कार्य किया जाता है।

सेंटर में केस वर्कर काउंसलर एवं महिला पुलिसकर्मी की उपलब्धता रहती है। पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने हेल्पलाइन नंबर 181 में कितने लोगों ने इस साल संपर्क किया इस बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि तत्काल प्रार्थी को  सहयोग मिलना चाहिए इसकी सुविधा की जाए।

यदि इस आशय से पुलिस सहायता की आवश्यकता होती है तो संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सेंटर में महिला पुलिसकर्मी कि हमेशा उपलब्धता है और महिला कर्मियों द्वारा प्रार्थी को हर संभव मदद प्रदान कीया  जाये...