प्रदेश में किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित- मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह

 


प्रदेश में किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित- मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह
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शहडोल | 15-दिसम्बर-

   प्रदेश शासन के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में प्रदेश में लघु एवं सीमांत किसानों सहित सभी किसान भाइयों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिसका लाभ लेकर वे आत्मनिर्भर भारत योजना के लाभ से लाभान्वित होंगे। उन्होने बताया कि, जो प्रमुख योजनाओ संचालित की गई है।
   गेहूं उपार्जन- देश के लिए बड़े गौरव की बात है कि रबी विपणन वर्ष 2020-21 में 15.81 लाख किसानों से 129.42 लाख मैट्रिक टन उपार्जन कर देश में अधिकतम गेहूं उपार्जन वाला राज्य हो गया है, पंजाब राज्य द्वारा 127.12 लाख मैट्रिक टन उपार्जन किया गया है। देश में कुल 388.34 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ है मध्य प्रदेश द्वारा 33 प्रतिषत योगदान रहा है, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु 4529 केंद्र खोले गए जो कि विगत वर्ष से 984 अधिक है, उपार्जित गेहूं का समर्थन मूल्य लगभग 24856 करोड रुपए का भुगतान किसानों के बैंक खाते में जे0आई0टी0 के माध्यम से किया जिससे किसानों को समितियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
   धान उपार्जन- खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 मैं समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु 7 लाख 24 हजार किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया कि विगत वर्ष से 33 प्रतिषत  अधिक है, धान उपार्जन हेतु 1421 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं जो कि विगत वर्ष से 446 अधिक उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, गोदाम स्तरीय उपार्जन केंद्र 406 स्थापित किए गए हैं जो कि विगत वर्ष से 179 अधिक है,किसानों को धान उपार्जन हेतु उपार्जन केंद्र एवं जिला स्तर से एसएमएस भेजने हेतु व्यवस्था की गई है, अवधि में धान प्रदाय की व्यवस्था भी की गई है, अभी तक 136710 किसानों से 723725 मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है जिसमें से 88 प्रतिषत मात्रा का परिवहन 81 प्रतिषत मात्रा का स्वीकृति पत्रक जारी किया जा चुका है किसानों को 604 करोड़ रुपए का भुगतान भी प्रेषित किया जा चुका है।
   मोटा अनाज- मोटा अनाज के अंतर्गत ज्वार के 14690 एवं बाजरा के लिए 41524 द्वारा पंजीयन कराया गया है जिसमें किसानों द्वारा 27317 रिटर्न ज्वार एवं 35365 किसानों द्वारा 191260 मेट्रिक टन बाजरे का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया गया जो कि अभी तक का रिकॉर्ड उपार्जन है, ज्वार एवं बाजरा के विक्रय करने वाले किसानों को 353 करोड रुपए कब भुगतान भी किया जा चुका है।
   नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची का वितरण- राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित 25 श्रेणी के 766 833 नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है नवीन परिवारों को जोड़ने की कार्यवाही सतत रूप से जारी है, उचित मूल्य दुकानों से 96 प्रतिषत परिवारों को बायोमेट्रिक सत्यापन से राशन का वितरण किया जा रहा है।
   कोविड-19 के संक्रमण काल में वितरण- कोविड-19 में गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 25 श्रेणी के नवीन पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची नहीं की जा सकी थी, ऐसे लगभग 32 लाख हितग्राहियों की खाद्यान्न की आवश्यकता की पूर्ति हेतु में अप्रैल, 2020 किलोग्राम निशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया गया है।
   प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना- राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सम्मिलित हितग्राहियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अतिरिक्त रूप से 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति सदस्य प्रतिमाह एवं 1 किलोग्राम दाल प्रति परिवार के मान से माह अप्रैल 2020 से नवंबर 2020 तक कुल 18609 753 मैट्रिक टन खाद्यान्न एवं 77238 मैट्रिक टन दाल का निशुल्क वितरण किया गया है।
   आत्मनिर्भर भारत अभियान- कोविड-19 के कारण माइग्रेट लेबर की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सैनिकों का सर्वेक्षण कराया गया जिसमें 01 लाख 90 हजार परिवारों के 196000 सदस्यों को माह मई एवं जून 2020 में 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति सदस्य एवं 1 किलोग्राम दाल के मान से 1754 मैट्रिक टन गेहूं एवं 157 मेट्रिक टन दाल का निशुल्क वितरण किया गया।
   एस.डी.आर.एफ. मद से खाद्यान्न वितरण- कोविड-19 के लॉकडाउन अवधि में बेघर, बेसहारा एवं माइग्रेंट लेबर के भोजन की आवश्यकता की पूर्ति हेतु एसडीआरएफ मदद से 30917 मेट्रिक टन खाद्यान्न एवं 137 मेट्रिक टन नमक का निशुल्क प्रदाय कराया गया।