केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी के प्रयास से बाड़मेर जैसलमेर को मिली एक साथ तीन हाइवे की बड़ी सौगात, सेना के साथ आमजन को भी फायदा

 केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी के प्रयास से बाड़मेर जैसलमेर को मिली एक साथ तीन हाइवे की बड़ी सौगात, सेना के साथ आमजन को भी फायदा



केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज करेंगे संसदीय क्षेत्र बाड़मेर-जैसलमेर में 526.79 किलोमीटर लंबी 3128 करोड़ की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास


गिड़ा बाड़मेर से वागाराम बोस की रिपोर्ट 



बाड़मेर/जैसलमेर केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार को सीमावर्ती संसदीय क्षेत्र बाड़मेर जैसलमेर की चार सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। बाड़मेर जैसलमेर से लोकसभा सांसद और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के आने के बाद देश में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि गुरुवार को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 70 पर मुनाबाव-तनोट खंड, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 25 पर गागरिया-गांधव खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 325 पर बालोतरा-सांडेराव के पैकेज प्रथम एवं द्वितीय का लोकार्पण करेंगे। 


कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि कुल 3128.20 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्गों का शिलान्यास किया जाएगा। इसमें  

बालोतरा-सांडेराव राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 325 के पैकेज-प्रथम में 31.25 किमी कार्य के लिए 131.28 तथा पैकेज-द्वितीय में 24.71 किमी के लिए कार्य के लिए 179.32 करोड़ की लागत आएगी। वहीं मुनाबाव से तनोट तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-70 के लिए 273.86 किमी कार्य में 1684 करोड़ तथा गागरिया से गांधव तक 196.97 किमी कार्य के लिए 1134 करोड़ की लागत राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है।


केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि संसदीय क्षेत्र बाड़मेर जैसलमेर की तीन राजमार्ग परियोजनाओं में 526.79 किलोमीटर नई सड़क सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाई जाएंगी। कैलाश चौधरी ने कहा कि सभी परियोजनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी हैं। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, नई सड़क और पुल शामिल हैं। कुछ परियोजनाओं का काम पूूरा हो चुका है तो कुछ के लिए स्वीकृति संबंधी प्रशासकीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को ठीक करने के लिए बनने वाले ये राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलते हैं। सीमावर्ती इलाके की सड़क बनने से सेना और आम लोगों को इससे लाभ होगा।