खेती खेड़ों रे हरिनाम की" नाट्य का हुआ मंचन

 खेती खेड़ों रे हरिनाम की" नाट्य का हुआ मंचन



हरदा  से कुलदीप राजपूत की ख़बर - 

मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय अध्ययन अनुदान योजना अंतर्गत ज़िले के संत सिंगा जी धाम, ग्राम कुकरवाद में नाटक शुक्रवार की शाम को "खेती खेड़ों रे हरिनाम की" का भव्य मंचन हुआ। यह प्रस्तुति निमाड़ के जीवन आचरण में बसे संत श्री सिंगाजी के लोक पदों पर आधारित रही  जिसका लेखन एवं निर्देशन मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षित ज़िला नरसिंहपुर के अंशुल दुबे ने किया इस प्रस्तुति को तैयार करने के लिए 1 माह की कार्यशाला का आयोजन ग्राम की संस्था-गणगौर सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास संस्थान द्वारा किया गया। प्रस्तुति का संगीत संयोजन अंचल की संस्कृति को देश के प्रतिष्ठित मंचों पर ले जाने वाले लोकगायक विकास शुक्ला द्वारा किया गया । नाट्य प्रस्तुति के दौरान शासन द्वारा कोरोना काल के समय दिए गए सभी दिशा-निर्दशों का पालन किया गया जिसमें संस्था द्वारा प्रस्तुति के दौरान सेनिटाइजेशन एवं मास्क वितरण किया गया और सोशल डिस्टेनसिंग का पालन कराया गया। प्रस्तुति को सफल बनाने में ग्राम के वरिष्ठ  रामाधार काजवे, पुरुषोत्तम  खोरे,श्री पन्नालाल बाबा पुजारी संत सिंगाजी कुटी ग्राम कुकरावद, सदाशिव टाले एवं ग्राम के सरपंच बलराम पाटिल की  सहयोग प्राप्त हुआ। गणगौर संस्था के सभी कलाकारों ने पहली बार इस तरह का नाट्य प्रयोग किया और पूरी क्षमता से इसमें हिस्सेदारी की। दर्शकों-श्रोताओं ने संत सिंगाजी के जीवन, व्यवहार, शिक्षा आदि के माध्यम प्रस्तुत इस मंचन की भूरी-भूरी  प्रशंसा की और कलाकारों से आगे भी इस तरह  का कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे युवा पीढ़ी को जीवन व्यवहार के महत्वपूर्ण का ज्ञान प्राप्त हो सके।