स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में सुनियोजित ढंग से सड़कों निर्माण करें : विधायक श्री चैतन्य काश्यप

 

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में सुनियोजित ढंग से सड़कों निर्माण करें : विधायक श्री चैतन्य काश्यप
मिनी स्मार्ट सिटी मानिटरिंग समिति की बैठक संपन्न
रतलाम | 28-नवम्बर

रतलाम मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए जाने वाले कार्यो की जानकारी एवं समीक्षा के लिए आज मानिटरिंग समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। इस अवसर पर विधायक श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत रतलाम शहर में सुनियोजित ढंग से सड़कों का निर्माण किया जाए। शहर के चौराहों का योजना के साथ विकास करें। बैठक में कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप केरकेट्टा, निगमायुक्त श्री सोमनाथ झारिया, सहायक यंत्री श्री श्याम सोनी, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट मैनेजर उज्जैन श्री ए.के. मिश्रा, रतलाम प्रबंधक श्री बीटीआर राव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। विधायक श्री काश्यप ने कहा कि शहर के दो बत्ती चौराहे, फव्वारा चौक तथा अन्य चौराहों का सुनियोजित ढंग से विकास किया जाना है। जहां जरूरत है सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना है। सैलाना बस स्टैंड स्थित चौराहा ट्राफिक की दृष्टि से खतरनाक होता जा रहा है। यहां सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाना है इसके लिए नियोजित ढंग से कार्य किया जाए। कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड ने नगर निगम को निर्देश दिए कि शहर के सुनियोजित ढंग से विकास के लिए किसी भी सिटी प्लैनिंग विशेषज्ञ की सेवाएं ली जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सैलाना बस स्टैंड से लेकर लोकेंद्र टॉकीज तक फोरलेन सड़क का निर्माण मिनी स्मार्ट प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। इसके अलावा उकाला रोड, गुजरात स्वीट्स वाला रोड एवं शास्त्री नगर रोड फोरलेन बनाए जाएंगे। गुजरात स्वीट्स तथा उकाला रोड पर नए कलवर्ट बनाए जाएंगे। शास्त्री नगर रोड पर कलवर्ट का चौड़ीकरण किया जाएगा।
विधायक ने निर्देश दिए कि पुनरीक्षित सड़कों एवं अन्य कार्यों के निर्माण प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजे जाएं ताकि अतिरिक्त राशि प्राप्त हो सके। कलेक्टरने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि इस शहर में सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत कार्य पश्चात सड़कों का एक समान रीस्टोरेशन किया जाए। सड़के उबड़-खाबड़ नहीं रहे। नगर निगम के इंजीनियर अपने समक्ष रीस्टोरेशन कार्य करवाएं। इसके साथ ही आगामी समय में जिन सड़कों का निर्माण किया जाना है उनके एस्टीमेट तैयार करें।