आदेशो की धज्जियाॅ उठाते प्रशासन के लोग,आखिर लोगो के जीवन से क्यो खिलवाड ?




 आदेशो की धज्जियाॅ उठाते प्रशासन के लोग,आखिर लोगो के जीवन से क्यो खिलवाड 


विजय कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट

कोविड-19 कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते प्रशासन से लगातार मुयादी और अन्य प्रचार प्रसार के साधनो से नर्मदा तट पर लगने वाले मेले को स्थागित कर दिया है लेकिन वही प्रशासन कोविट -19 कोरोनावायरस से बचाने के लिए कितने कारगर उपाय कर रही है। इसका उदाहरण बांद्राभान स्थित तवा संगम पर आने वाले श्रृद्धालुओ की भीड देखने को मिली , प्रतिबंध के बावजूद आज सुबह से ही घाटो पर सैकडो की संख्या में लोग स्नान करते हुए नजर आ रहे है आखिर इतनी संख्या में लोग घाट पर कैसे पहुचे ? आखिर प्रशासन की व्यावस्था कैसे ठीली पड गयी आखिर इतनी अनदेखी क्यो ? नर्मदा स्थल पर जो पुलिसकर्मी की डियूटी लगाई गई थी वह भी मूक दर्शक बन कर श्रृद्धालुओ को स्थान ध्यान करने से कोई भी नही रोक नही पाये आखिर प्रशासन की कथनी और करनी में इतना अंतर क्यों ? कोरोना संक्रमण से बचने के लिए प्रशासन 1 माह पूर्व से ही बांद्राभान मेले के स्थगन के आदेश दे चुका है । फिर आदेश कागज तक ही सीमित क्यो रह गया जमीनी हकीकत का नजारा सिर्फ लोगो के जीवन से खिलवाड के अलावा कुछ नही । जबकि पूरे प्रदेश में संक्रमण धीरे-धीरे अपने पैर पसारने लगा है बांद्रा बांध में नहाने आए हुए लोगों को देखते हुए नहीं लगता कि प्रशासन कोविड-19 संक्रमण को लेकर चिंतित है।या फिर निपटने के लिए कैसी तैयारी ? आखिर प्रसाशन के आॅखो के सामने पूरा खेल खुला हो रहा है। इस संबंध में अधिकारीयो से चर्चा करना चाहा तो उन्होने अपने फोन उठाना उचित नही समझते है ? आखिर लोगो के जीवन से क्यो खिलवाड ?